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  • भीलवाड़ा हलचल app के नाम पर किसी को जबरन विज्ञापन नहीं दें और धमकाने पर सीधे पुलिस से संपर्क करे या 7737741455 पर जानकारी दे, तथाकथित लोगो से सावधान रहें । 
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आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव नहीं लेने की दी चेतावनी

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव नहीं लेने की दी चेतावनी

मांडल(चन्द्रशेखर तिवाड़ी)  करीब दो सप्ताह पहले लीरड़िया चौराहे के निकट जानलेवा हमले मेंं गम्भीर रूप से घायल हुए लुहारिया में सुखादास नामक वृद्ध की गुरुवार को मौत हो गई जिससे गांव में रोष फैल गया।   मांडल पुलिस के अनुसार दो अक्टूबर को  थानान्तर्गत लीरड़िया चौराहे के निकट जिन लोगों ने मांडल से लुहारिया जा रहे सुखादास व उसके साथियों पर उन्हीं युवकों ने हमला किया था जिन्होंने एक अक्टूबर की शाम आपसी लेन देन के मामले में सुखादास के पुत्र मिठूदास के साथ मारपीट की थी। पुलिस ने तब ग्रामीणों के सहयोग से एक आरोपीको उसके बाद दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया था लेकिन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आधे आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि आधे आरोपी खुलेआम घूमकर पीड़ित परिवार को आयेदिन धमकियां दे रहे थे जिसकी वजह से पूरा परिवार दहशत में था। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने हमले के समय काम ली गई बाईक व धारदार हथियार अभी तक बरामद नहीं किये हैं।  मांडल चिकित्सालय में पहुंचे पूर्व मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर,  भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मणिराज सिंह और मांडल विधानसभा क्षेत्र विधायक प्रत्याशी प्रद्युम्नसिंह और उदयलाल भडाणा ने पुलिस और चिकित्सा प्रशासन पर आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के चलते एक पीड़ित की जान गई है। यदि पहले ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो शायद यह घटना नहीं घटती। मामले की गम्भीरता को देखते हुए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहाड़ा वृत्त गोवर्धन लाल खटीक जाब्ते के साथ मौजूद थे। ग्रामीणों ने मृतक का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराने की मांग की तो प्रशासन ने शव भीलवाड़ा चिकित्सालय भेज दिया। उसके साथ ही गांव वालों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव नहीं लेने की चेतावनी भी दी।