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जब 3 दिन पहले उनकी गाड़ी पर हुआ था रॉकेट से हमला

जब 3 दिन पहले उनकी गाड़ी पर हुआ था रॉकेट से हमला

 कंधार शहर के स्पिन बोल्डक में शुक्रवार को भारतीय फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की मौत हो गई। वे अफगान स्पेशल फोर्स के साथ एक रिपोर्टिंग असाइनमेंट पर थे। वे अफगान सुरक्षा बलों और तालिबान लड़ाकों के बीच हुई झड़प को कवर कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 दिन पहले ही स्पेशल फोर्सेस की गाड़ी में बैठे दानिश पर रॉकेट अटैक हुआ था। दानिश का उसका वीडियो भी ट्वीट किया था। हालांकि दानिश जिस गाड़ी में बैठे थे वह बच गई और बाकी की 3 गाड़ियां तबाह हो गईं। मौते से करीब एक हफ्ते पहले दानिश सिद्दीकी ने कई तस्वीरें अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट कीं...

 

दानिश सिद्दीकी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ममुंडजे ने ट्वीट किया, कल रात कंधार में एक दोस्त दानिश सिद्दीकी की हत्या की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ। भारतीय पत्रकार और पुलित्जर पुरस्कार विजेता अफगान फोर्स के साथ थे। मैं उनसे 2 हफ्ते पहले काबुल जाने से पहले मिला था। उनके परिवार और रॉयटर्स के प्रति संवेदना।

 

दानिश सिद्दीकी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए भारत में अफगानिस्तान के राजदूत फरीद ममुंडजे ने ट्वीट किया, कल रात कंधार में एक दोस्त दानिश सिद्दीकी की हत्या की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ। भारतीय पत्रकार और पुलित्जर पुरस्कार विजेता अफगान फोर्स के साथ थे। मैं उनसे 2 हफ्ते पहले काबुल जाने से पहले मिला था। उनके परिवार और रॉयटर्स के प्रति संवेदना।

 

पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी ने एक टीवी रिपोर्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था और बाद में फोटोजर्नलिज्म बन गए। वह इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के साथ काम कर रहे थे। सितंबर 2008 से जनवरी 2010 तक इंडिया टुडे ग्रुप के साथ भी एक संवाददाता के रूप में काम किया।

 

पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी ने एक टीवी रिपोर्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था और बाद में फोटोजर्नलिज्म बन गए। वह इंटरनेशनल न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के साथ काम कर रहे थे। सितंबर 2008 से जनवरी 2010 तक इंडिया टुडे ग्रुप के साथ भी एक संवाददाता के रूप में काम किया।

 

2018 में दानिश सिद्दीकी और उनके सहयोगी अदनान आबिदी ने रोहिंग्या शरणार्थी के लिए न्यूज की, जिस फीचर फोटोग्राफी के लिए पुलित्जर पुरस्कार जीता।

 

2018 में दानिश सिद्दीकी और उनके सहयोगी अदनान आबिदी ने रोहिंग्या शरणार्थी के लिए न्यूज की, जिस फीचर फोटोग्राफी के लिए पुलित्जर पुरस्कार जीता।

 

एक फोटो जर्नलिस्ट के रूप में दानिश सिद्दीकी ने दुनिया भर के कई मुद्दों को कवर किया। उनके प्रमुख कामों में अफगानिस्तान और इराक में युद्ध, रोहिंग्या शरणार्थी, हांगकांग विरोध और नेपाल भूकंप शामिल हैं।

 

एक फोटो जर्नलिस्ट के रूप में दानिश सिद्दीकी ने दुनिया भर के कई मुद्दों को कवर किया। उनके प्रमुख कामों में अफगानिस्तान और इराक में युद्ध, रोहिंग्या शरणार्थी, हांगकांग विरोध और नेपाल भूकंप शामिल हैं।

 

पिछले कुछ दिनों से दानिश सिद्दीकी अफगानिस्तान के कंधार में बढ़ते तनाव को कवर कर रहे थे। उन्होंने कुछ मिशनों पर अफगान फोर्स का साथ लिया।  

 

पिछले कुछ दिनों से दानिश सिद्दीकी अफगानिस्तान के कंधार में बढ़ते तनाव को कवर कर रहे थे। उन्होंने कुछ मिशनों पर अफगान फोर्स का साथ लिया।