boltBREAKING NEWS
  •  
  • भीलवाड़ा हलचल app के नाम पर किसी को जबरन विज्ञापन नहीं दें और धमकाने पर सीधे पुलिस से संपर्क करे या 7737741455 पर जानकारी दे, तथाकथित लोगो से सावधान रहें । 
  •  
  •  
  •  

सर्दी बढ़ने लगी, कई जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से भी कम

सर्दी बढ़ने लगी, कई जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से भी कम

जयपुर। राजस्थान में सर्दी बढ़ने लगी है। इस बीच, गुरुवार को राज्य के उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। राज्य में सबसे कम तापमान चूरू में 5.6, हनुमानगढ़ में 7.9, श्रीगंगानगर में नौ डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 30 डिग्री बाड़मेर में दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन में पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश होने की बात कही है। फतेहपुर, पिलानी, सीकर, चूरू जिलों में 10 डिग्री से भी कम तापमान दर्ज किया गया। अजमेर, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, कोटा, राजसमंद, टोंक, सिरोही और उदयपुर जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। जोधपुर, जैसलमेर व बाड़मेर जिलों रात में तापमान में कमी के स्थान पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि वर्तमान में एक कम दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी और दूसरा कम दबाव का क्षेत्र अरब सागर की खाड़ी में बना हुआ है। इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर पश्चिमी भारत के ऊपर प्रभावी हो रहा है, जिसके कारण राज्य में बारिश का जोर रहेगा।

 

यहां होगी बारिश

इधर, अरब सागर की गाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पश्चिमी विक्षोभ भी राजस्थान पर प्रभावी नजर आ रहा है। इस कारण समूचे राजस्थान सहित पश्चिमी राजस्थान के भूख भाग में बादलों की आवाजाही देखी जा रही है और पारे में भी गिरावट देखी गई है। कम दबाव क्षेत्र के कारण पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत के ऊपर प्रभावी रहने वाला है जिसका असर राजस्थान पर भी पड़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार,  उपरोक्त तंत्र के प्रभाव से आगामी दिनों में दक्षिणी व दक्षिण पूर्वी राजस्थान में मौसम में परिवर्तन होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार18-19 नवंबर को उदयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर व जयपुर संभाग के जिलों में मेघगर्जन, बिजली चमकने के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। कोटा, उदयपुर संभाग के जिलों में 20 नवंबर को भी इस सिस्टम का असर जारी रहेगा। हालांकि 21 नवंबर से इस सिस्टम का असर समाप्त होगा तथा मौसम शुष्क रहेगा। 

संबंधित खबरें