भीलवाड़ा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘डब्ल्यू-26 विजुअल आर्ट एक्जीबिशन’ का समापन 12 मार्च 2026 को उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस प्रदर्शनी का आयोजन दीपिका आर्ट एकेडमी, नवदीप और नेशनल आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। प्रदर्शनी में देश-विदेश के कलाकारों की विभिन्न विधाओं की उत्कृष्ट कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में कला प्रेमी, विद्यार्थी और कलाकार पहुंचे।
कार्यक्रम के दौरान कला से जुड़े विभिन्न रचनात्मक आयोजनों का भी आयोजन किया गया। सुबह अलय मिस्त्री द्वारा मिट्टी कला (क्ले आर्ट) का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया गया, जिसमें उन्होंने मिट्टी से कलाकृतियां बनाने की बारीकियों को प्रदर्शित किया। इस दौरान मौजूद कलाकारों और विद्यार्थियों ने इस कला को नजदीक से समझा और कई महत्वपूर्ण तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
इसके साथ ही दीपिका पाराशर द्वारा प्रिंट मेकिंग विषय पर कला प्रेमियों और छात्र-छात्राओं के बीच एक विशेष वार्ता आयोजित की गई। इस अवसर पर उन्होंने प्रिंट मेकिंग की विभिन्न विधाओं, उसकी तकनीकों और आधुनिक कला में उसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दीपिका पाराशर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार की कला प्रदर्शनी कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देती है और युवाओं को कला के प्रति प्रेरित करती है।
कार्यक्रम में पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू सहित कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर बाबूलाल जाजू ने अपने उद्बोधन में आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि कला समाज की संवेदनाओं और विचारों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी न केवल कलाकारों को प्रोत्साहित करती है बल्कि समाज में रचनात्मकता और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने आयोजकों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर करते रहने की आवश्यकता बताई।
समापन अवसर पर नेशनल आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के फाउंडर अतुल पड़िया ने प्रदर्शनी में लगी पेंटिंग्स को उतारकर औपचारिक रूप से कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य कला के माध्यम से महिलाओं की रचनात्मकता और प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा शहर में कला के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रदर्शनी को कला प्रेमियों से अच्छा प्रतिसाद मिला और पूरे आयोजन के दौरान उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा।
