राम मंदिर आंदोलन के हुतात्माओं को भीलवाड़ा ने किया नमन: शहीद चौक में गूंजे भारत माता के जयकारे

Update: 2026-03-12 11:25 GMT

भीलवाड़ा। राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के दौरान 12 मार्च 1991 को अपने प्राणों की आहुति देने वाले राम भक्तों की स्मृति में आज शहर के शहीद चौक पर भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी सहित विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर शहीद सुरेश जैन और रतन लाल सेन की शहादत को याद करते हुए उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

शहीदों की याद में नम हुईं आंखें

12 मार्च 1991 का दिन भीलवाड़ा के इतिहास में गौरव और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान भीलवाड़ा के वीर सपूत सुरेश जैन और रतन लाल सेन शहीद हुए थे। उनकी शहादत को अक्षुण्ण रखने के लिए हर वर्ष की भांति इस साल भी शहीद दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान भीलवाड़ा महानगर की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शहीद चौक पर एकत्रित हुए और दोनों हुतात्माओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

जीवन संस्मरणों से मिली प्रेरणा

श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने दोनों शहीदों के जीवन से जुड़े प्रेरक संस्मरण सुनाए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि देश और धर्म की रक्षा के लिए इन वीरों ने जो सर्वोच्च बलिदान दिया है, वह आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। वक्ताओं ने आह्वान किया कि राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए यदि प्राण न्योछावर करने की आवश्यकता पड़े, तो हिंदू समाज को पीछे नहीं हटना चाहिए। इस दौरान पूरा परिसर 'भारत माता की जय' और 'शहीद अमर रहें' के जयकारों से गुंजायमान रहा।

प्रमुख पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

इस गरिमामयी कार्यक्रम में शहीद सुरेश जैन के भाई शांति लाल जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। साथ ही संगठन की ओर से प्रांत से ओमप्रकाश बुलिया, अखिलेश व्यास, विभाग से विजय ओझा, महानगर से ओमप्रकाश लड्ढा, मुकेश प्रजापत, भारत गेंगट, सौम्य मेहता तथा प्रखंड से लक्ष्मण सिंह, प्रेम कुमार सेन सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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