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आत्म शुद्धि का प्रशस्त मार्ग तपस्या

आत्म शुद्धि का प्रशस्त मार्ग तपस्या

भीलवाड़ा।  साध्वी डॉ. परम यशा  ठाणा–4 के प्रांजल सानिध्य में  जप,तप त्याग द्वारा अध्यात्म की स्वच्छ निर्मल धारा प्रवाहित हो रही है। उसी क्रम में तेरापंथ भवन नागौरी गार्डन में तेरापंथ महिला मंडल भीलवाड़ा  के तत्वावधान  में सामूहिक एकासन तप अनुष्ठान का आयोजन रखा गया। साध्वी डॉ.परमयशा ने  तप अनुष्ठान में सहभागी श्रावक समाज को संबोधित करते हुए कहा कि आत्म  शुद्धि ही धर्म है। आध्यात्मिक गतिविधियों के द्वारा व्यक्ति कर्म निर्जरा की दिशा में आगे बढ़ता है। जैनधर्म की साधना पद्धति में एकासन तप द्वारा भी अन्तराय दूर होती है एवं कर्म हलके होते है। संकल्प पूर्वक किया जाने वाला त्याग लाभदायक होता है।

साध्वी  ने जप,मंत्र द्वारा इस अनुष्ठान को सम्पन्न किया और  सभी तपस्वियों के प्रति आध्यात्मिक शुभ मंगल कामनाएं करते हुए कहा कि चातुर्मास के  इस शुभ अवसर पर श्रावक समाज को छोटे छोटे त्याग प्रत्याख्यान से जुड़कर अपने आत्मबल को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए। एकासन आध्यात्मिक तप अनुष्ठान में   पारस छाजेड़ की पुण्य स्मृति में कमला देवी नवरतन मल स्नेहलता लक्ष्मीलाल प्रेक्षा झाबक परिवार के आर्थिक सहयोग रहा। मीडिया प्रभारी नीलम लोढ़ा ने बताया कि इस अनुष्ठान में लगभग 180 साधक शामिल हुए। साध्वीवृंद ने एकासन से पूर्व नवकार मंत्र एवम् मंगल पाठ सभी तपस्वियों को सुनाया। सभी ने प्रसन्न भाव से इस अनुष्ठान का लाभ लिया। साध्वी विनम्रयशा की प्रेरणा विशेष रूप से रही। रेणु चोरड़िया  विजया सुराणा आदि का सहयोग रहा। एकासन अनुष्ठान की सेवा व्यवस्था मण्डल की अनेक जागरूक सक्रिय बहिनों ने समय एवम् श्रम का नियोजन किया। सभी के सार्थक प्रयास से ये अनुष्ठान सफल रहा।  महिला मंडल अध्यक्षा मीना बाबेल ने  आभार ज्ञापित किया।