गैंगरेप-मर्डर केस:: दो दरिंदों को फांसी की सजा, जज ने कविता पढ़ते हुए सुनाई सजा

दो दरिंदों को फांसी की सजा, जज ने कविता पढ़ते हुए सुनाई सजा
X

दौसा/लालसोट। राजस्थान के दौसा जिले के लालसोट में करीब चार साल पहले हुए जघन्य सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश (ADJ) ऋतु चौधरी ने दोनों दोषियों, कालूराम और संजू मीणा को फांसी की सजा सुनाई है।

पीहर जा रही विवाहिता को बनाया था शिकार

यह झकझोर देने वाली घटना 23 अप्रैल 2022 की है। मृतका अपने ससुराल से पीहर जाने के लिए निकली थी। दोपहर में बस से उतरने के बाद आरोपियों ने उसका अपहरण किया, सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और एक नाबालिग छात्र से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों को दबोचा था।

जज ने कविता पढ़कर व्यक्त किया दर्द

सजा सुनाते वक्त एडीजे ऋतु चौधरी भावुक दिखीं और उन्होंने कविता के माध्यम से समाज की कड़वी सच्चाई बयां की। उन्होंने पढ़ा:

"गूंजती है आज भी फिजा में हजारों सिसकियां, घुट-घुट कर तड़पती हैं इस समाज में बेटियां... आखिर कब तक नारी की इज्जत यूं तार-तार होगी, आखिर कब इस समाज की गलियां बेटियों के लिए सुरक्षित होगी।"

एसआईटी जांच और 45 गवाहों से मिली सजा

मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 मई 2022 को विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया था। जुलाई 2022 में पुलिस ने चार्जशीट पेश की। न्यायालय में राज्य पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महावीर सिंह ने 45 गवाहों के बयान और 145 दस्तावेज पेश कर दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। शुक्रवार को कोर्ट ने बचाव पक्ष की तमाम दलीलों को खारिज करते हुए इसे 'दुर्लभतम' मामला माना और दोषियों को फांसी की सजा से दंडित किया।

Next Story