डॉक्टर को ब्लैकमेल करने का मामला: : निजी अस्पताल की ओटी में लगाए स्पाई कैमरे, लैपटॉप से रखते थे डॉक्टर पर नजर

भीलवाड़ा। शहर के एक प्रतिष्ठित प्राइवेट हॉस्पिटल मालिक को ब्लैकमेल करने के मामले में गिरफ्तार चार नर्सिंग कर्मचारियों से पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने डॉक्टर की निजी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को ही जासूसी का अड्डा बना दिया था।

ओटी में स्पाई कैमरा और लैपटॉप पर लाइव निगरानी

सुभाषनगर थाना प्रभारी कैलाश कुमार विश्नोई ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने डॉक्टर को ब्लैकमेल करने के इरादे से अस्पताल की ओटी में 'स्पाई हिडन कैमरा' लगाया था। ये आरोपी कैमरे के जरिए अपने लैपटॉप पर लाइव वीडियो देखते थे और डॉक्टर की हर गतिविधि पर नजर रखते थे। यह सिलसिला काफी लंबे समय से चल रहा था और इसी दौरान उन्होंने एक आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसके आधार पर ब्लैकमेलिंग शुरू की गई।

90 लाख की डिमांड और धमकियों का सिलसिला

पीड़ित डॉ. अभिषेक पंवार के साथ यह खेल ९ दिसंबर २०२५ को शुरू हुआ था। उनके व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध वीडियो और ऑडियो मैसेज भेजकर धमकाया गया कि यदि डिमांड पूरी नहीं की तो "नौकरी भी जाएगी और पत्नी भी छोड़ देगी।" १७ जनवरी २०२६ की रात को दोबारा धमकियां दी गईं और एक फर्जी न्यूज मैसेज बनाकर वायरल करने की धमकी देते हुए ९० लाख रुपये की मांग की गई।

चार आरोपी रिमांड पर, सिकंदर की तलाश

पुलिस ने इस मामले में अस्पताल के ही चार नर्सिंगकर्मियों—मोहम्मद इमरान नीलगर, जफर अहमद, अजय जाट और जगदीश बैरवा को गिरफ्तार किया है। ये चारों फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले का एक आरोपी सिकंदर उर्फ 'लॉटरी' अभी फरार है, जिसने फोन पर धमकाकर राशि मांगी थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस साजिश में शामिल अन्य लोगों और अन्य संभावित खुलासों की उम्मीद है।

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