स्वतंत्रता दिवस की बैठक में अधिकांश अधिकारी और स्कूल कार्मिकों रहे अनुपस्थिति

गंगरार राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस की तैयारी को लेकर एक आवश्यक बैठक मंगलवार को पंचायत समिति सभागार में तहसीलदार भूपेंद्र सिंह राजावत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने की तैयारी को लेकर अलग-अलग विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को जिम्मेदारीयां सोपीं। गई तहसीलदार राजावत ने सभी विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह शहीद मेजर नटवर सिंह शक्तावत लेवा ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रातः 8:15 बजे उपखंड कार्यालय पर ध्वजारोहण के पश्चात 9:00 बजे मुख्य समारोह 9:00 बजे लेवा ग्राउंड में मुख्य सामुहिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा इस अवसर पर विकास अधिकारी देवीलाल बलाई, अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी महेश चंद्र शर्मा, सहित अधिकारी उपस्थित थे।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की तैयारी को लेकर बुलाई गई बैठक में ही कई सरकारी विभागों और स्कूलों के अधिकारी–कर्मचारी नदारद रहे। आयोजन को लेकर प्रशासन ने गंभीर मंशा जताई थी, लेकिन जिन पर ज़िम्मेदारी थी, वही चेहरों से गायब दिखे। खासकर प्रमुख स्कूलों और विभागीय कार्यालयों के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति रही, बल्कि जिम्मेदारी से भागने की प्रवृत्ति भी उजागर हो गई। अब सवाल उठता है कि क्या स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन को भी महज़ औपचारिकता बनाकर छोड़ दिया गया है।
बैठक के अंतर्गत राष्ट्रीय पर्व शहीद मेजर नटवर सिंह स्टेडियम में आयोजित होना प्रस्तावित है वही स्टेडियम के हालात इन दिनों खस्ता बने हुए हैं। स्टेडियम में बड़ी-बड़ी झाड़ियां एवं कांटेदार पेड़ चारों ओर फैले हुए हैं। एवं स्टेडियम का मुख्य दरवाजा क्षतिग्रस्त हो रहा है लोहे का गेट भी टूटा हुआ पड़ा है। जो किसी अनहोनी घटना को निमंत्रण दे रहा है। वहीं प्रशासन है कि किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। स्टेडियम में स्थित शौचालय गंदगी अटे हुए पड़े हैं जिनकी साफ सफाई शायद ही कभी हुई होगी। हर वर्ष शहीद मेजर नटवर सिंह स्टेडियम की सुध मात्र राष्ट्रीय पर्वो पर ही ली जाती ओर फिर मुंह फेर लिया जाता है।बैठक के अंतर्गत यह भी सामने आया कि हमेशा की तरह छोटे स्कूलों को बड़े कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी जाती है और बड़े स्कूल मात्र ओपचारिकता निभाते हैं। साथ ही मंच संचालन का कार्य राजकीय विधायक के शिक्षकों सौंपा जाए। बैठक में राष्ट्रीय पर्व पर वाहनों की पार्किंग का मुद्दा भी जोर शोर से उठा जब स्टेडियम की भीतर एवं अन्य स्थान पर वाहनों की पार्किंग की जा सकती है तो आखिर स्टेडियम की बाहर वाहनों का जमावड़ा क्यों लगाया जाता है ऐसे में पैदल राहगीर को भी गुजरने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानकारी में यह भी आया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी राष्ट्रीय पर्व की तैयारी को लेकर पूर्व की सूची के अनुसार ही कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं उनमें तनिक भी बदलाव नहीं किया गया।
