शिल्पग्राम में ‘ऋतु वसंत’ उत्सव 28 से
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उदयपुर । शिल्पग्राम में पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से ‘ऋतु वसंत’ उत्सव का शुभारंभ 28 फरवरी को होगा। यह तीन दिवसीय उत्सव 2 मार्च को संपन्न होगा। शिल्पग्राम में ‘ऋतु वसंत’ उत्सव का आगाज शुक्रवार से हो रहा है, जो कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण होने वाला है। इस महोत्सव में शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक पंडित राजेंद्र वैष्णव अपनी मधुर आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे, वहीं कथक की प्रसिद्ध नृत्यांगना शमा भाटे ग्रुप अपनी भावपूर्ण और लयबद्ध प्रस्तुति से समां बांधेंगी। यह आयोजन वसंत ऋतु के आगमन का उत्सव मनाने के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपरा को भी प्रदर्शित करेगा। निश्चित रूप से यह दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा। यह आयोजन प्रतिदिन शाम को 7.00 बजे शिल्पग्राम के मुक्ताकाशी रंगमंच पर होंगे। इसमें आमजन के लिए निःशुल्क प्रवेश रहेगा।
राजेंद्र वैष्णव अपनी मधुर आवाज से करेंगे मंत्रमुग्ध
केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि पंडित राजेंद्र वैष्णव, जोधपुर के प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक हैं, जो जयपुर-अत्रौली घराने की समृद्ध परंपरा से जुड़े हैं। उनकी गायकी में रागों की शुद्धता, जटिल तानों और आलाप की सूक्ष्मता स्पष्ट झलकती है। उन्होंने जोधपुर सहित देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित संगीत समारोहों में भाग लिया है, जहाँ उनकी प्रस्तुतियों को अत्यधिक सराहा गया। वे न केवल एक कुशल गायक हैं, बल्कि शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय हैं। उनके शिष्य और संगीत प्रेमी उन्हें समर्पित शिक्षक के रूप में देखते हैं। उनकी प्रस्तुतियों में राग मारवा, दरबारी और भैरवी को विशेष मान्यता मिली है।
शमा भाटे लयबद्ध प्रस्तुति से बांधेंगी समां
केंद्र के निदेशक फुरकान खान ने बताया कि शमा भाटे, जिन्हें शमा ताई के नाम से जाना जाता है, प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना, शिक्षिका और कोरियोग्राफर हैं। उन्होंने मात्र 4 वर्ष की उम्र में कथक सीखना शुरू किया और 40 से अधिक वर्षों से इस कला में सक्रिय हैं। पुणे स्थित उनकी अकादमी ‘नादरोप’ कथक की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने पं. बिरजू महाराज और पं. मोहनराव कल्लनपुरकर से प्रशिक्षण लिया। उनकी शैली ताल व लय पर केंद्रित है। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘त्रिशूल’ और ‘सामवद’ शामिल हैं। उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले हैं।