प्यार के 35 टुकड़े, सबूत बिखरे-बिखरे: पुलिस के हाथ अब तक खाली, मर्डर वेपन से लेकर मोबाइल तक का नहीं मिला सुराग

बहुचर्चित श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को श्रद्धा के शव के टुकड़े करने पर कोई पछतावा नहीं है। उसका कहना है कि उसने अपने बचाव में यानि खुद को बचाने के लिए शव के टुकड़े किए थे। उसके पास शव को ठिकाने लगाने का कोई और चारा नहीं था। वहीं पुलिस उसे लेकर महरौली के जंगल में शव के टुकटों को ढ़ंढ़ने के प्रयास में जुटी हुई है। पुलिस को कुछ हड्डियां तो मिलीं है लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह श्रद्धा की ही हैं या फिर किसी जानवर की। साथ ही पुलिस को श्रद्धा के सिर की तलाश है ताकि यह साबित किया जा सके कि उसकी हत्या हो चुकी है।

फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है, सोच-समझकर देता है सवाल का जवाब
वहीं आफताब ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसका श्रद्धा से मुंबई के समय से ही झगड़ा होना शुरू हो गया था। श्रद्धा उसे बर्तनों से मारती थी तो वह उसे थप्पड़ मारता था। इस झगड़े में उसने श्रद्धा की हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी बहुत ही तेज दिमाग का है। वह फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है। वह सोच-समझकर हर बात कर जवाब देता है।

मिसिंग रिपोर्ट न दर्ज कराकर फंसा गया आफताब
श्रद्धा वालकर की मिसिंग रिपोर्ट दर्ज नहीं कराकर आरोपी आफताब खुद ही फंस गया। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो उसने सबसे पहले यही कहा था कि श्रद्धा उसे छोड़कर चली गई है। ऐसे में पुलिस ने उससे सवाल किया था कि जब श्रद्धा छोड़कर चली गई थी तो उसने मिसिंग रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई। यही वह सवाल है कि जिसका आरोपी आज तक जवाब नहीं दे पाया है और इस सवाल में फंसता दिख रहा है। महरौली पुलिस इसे आरोपी के खिलाफ अहम सबूत मान रही है।

आफताब के खिलाफ मिले ये सबूत
- आरोपी आफताब ने जहां से सामान खरीदा था, वहां सामान के बिल ले लिए हैं और दुकानदारों के बयान दर्ज कर लिए हैं।
- चापर, आरी व ब्लेड बेचने वाले दुकानदार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। ज्यादातर दुकानदारों ने उसकी पहचान कर ली है।
- आरोपी ने जहां से ऑनलाइन सामान खरीदा था, वहां से पुलिस ने डिटेल ले ली है। कंपनी के बयान दर्ज हो गए हैं।
- श्रद्धा के पिता, फ्लैट में रहने वाले अन्य लोग व श्रद्धा के दोस्तों के बयान दर्ज हो गए हैं।
- इलाज करने वाले डॉक्टर ने आफताब की पहचान कर ली है। डॉक्टर अनिल कुमार के भी बयान दर्ज किए गए हैं।
- शरीर के पिछले हिस्से की करीब 13 हड्डियां बरामद हो गई हैं। हालांकि डीएनए जांच के बाद ही पता लगेगा कि वह श्रद्धा की हैं या नहीं।
- जंगल से मानव का एक हिस्सा मिला है, जिससे पता लग रहा है कि वह महिला का है।
- आरोपी का नार्को टेस्ट भी होगा। हालांकि नार्को टेस्ट की कानूनी मान्यता नहीं है।
- आरोपी ने पुलिस से ये कहा था कि श्रद्धा छोड़कर चली गई है। जबकि श्रद्धा के मोबाइल की लोकेशन छतरपुर में आती रही।
- श्रद्धा की हत्या के बाद आरोपी ने उसके खाते से अपने खाते में 54 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे।

नहीं मिले अभी तक ये सबूत
- पुलिस को अभी तक कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। ज्यादातर जगहों पर सीसीटीवी कैमरों में एक महीने की रिकॉर्डिंग है। श्रद्धा की मौत को छह महीने से ज्यादा हो गए हैं।
- पुलिस को अभी तक कोई फोरेंसिक सबूत नहीं मिला है।
-पुलिस को श्रद्धा के शव को काटने वाले औजार नहीं मिले हैं। खासतौर पर वो आरी जिससे उसने श्रद्धा के टुकड़े किए और न ही मिलने की संभावना है। वह एमसीडी के कूड़े के साथ चले गए।
- आफताब के घर से खाली फ्रिज मिला है। उससे भी कोई सबूत नहीं मिला है। मात्र फ्रिज ही सबूत है।
