लकवाग्रस्त ग्रामीण को बहलाकर ले जाने के बाद जमीन की करवा ली फर्जी रजिस्ट्री, महिला सहित चार लोगों पर एफआईआर दर्ज

भीलवाड़ा हलचल। पांसल गांव के एक लकवाग्रस्त व्यक्ति की बीमारी का नाजायज फायदा उठाकर उसे उप पंजीयक कार्यालय कारोई ले जाकर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवाने का मामला पुर थाने में महिला सहित चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है। रिपोर्ट बीमार व्यक्ति की पत्नी ने दर्ज करवाया है।
पुर पुलिस ने बीएचएन को बताया कि पांसल निवासी मिन्तु पत्नी गोपाल धोबी ने बांसड़ा निवासी पारस देवी पत्नी रतनलाल दमामी, शिवदयाल पुत्र मांगी लाल यादव गायत्री नगर, नरपत सिंह पुत्र गारा सिंह निवासी-नोगांवा, राधेश्याम पुत्र हमीर बलाई निवासी-पांसल के खिलाफ रिपोर्ट दी। मिंतु धोबी ने रिपोर्ट में बताया कि उसका पति दो सालों से लकवा से ग्रसित होकर सिर पर गठिया हो रखी है, जिसका अहमदाबाद में इलाज करवाया जा रहा है। मिंतु का कहना है कि उसके पति गोपाल धोबी ने ग्राम बांसडा में 9 बीघा 18 बिस्वा जमीन खरीदी, जिसके आराजी संख्या 12. 881/12 है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 4-5 दिन पूर्व उसका पडोसी राधेश्याम बलाई घर आया और कहा कि तुम्हारे नाम पर माण्डल गांव में 5 बीघा जमीन है। राधेश्याम एक अन्य व्यक्ति को भी साथ लाया। 5 मई 2023 को वह खाना बना रही थी व पति मकान के बाहर बैठे थे। इस दौरान नरपत सिंह आया व परिवादिया के पति को अपने साथ ले गया । उसने नरपत सिंह को कहा कि पति को कहां ले जा रहा है, जिस पर आरोपित ने कहा कि आपकी कोई जमीन माण्डल में हैं । उसको बताने ले जा रहा हूं । जमीन आपके दादी ससुर के नाम है। इसके बाद नरपत सिंह उसे चौपहिया वाहन में ले गया।
इसके बाद पति करीब 1 बजे घर आये और बताया कि उसे नरपत सिंह कारोई लेकर गया व स्टांपों पर कई जगह हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी करवाई । परिवादिया के पति को उप पंजीयन कार्यालय से बाहर निकलने के बाद अंगूठा निशानी की स्याही को पेट्रोल से साफ किया। इसके बाद परिवादिया पति के साथ उप पंजीयक कार्यालय कारोई गई व जांच पड़ताल की तो वहां पर बैठे बाबू ने बताया कि यह रजिस्ट्री आज ही पारस देवी के नाम पर हुई हैं । रजिस्ट्री में नरपत सिंह व शिवदयाल गवाह हैं। परिवादिया का आरोप है कि उसके पति की बीमारी का नाजायज फायदा उठाकर उसे उप पंजीयक कार्यालय कारोई ले जाकर फर्जी रजिस्ट्री तैयार की है। पुलिस ने इस रिपोर्ट पर अपराध धारा 406,420,467,468,120 बी के तहक केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी।
