एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर कोचिंग सेंटर संचालक से एक करोड़ की ठगी, गिरोह का एक सदस्य गिरफ्तार

जोधपुर एमबीबीएस में छात्रों को प्रवेश कराने व नौकरी लगाने के नाम से एक करोड़ 37 लाख रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड के दलाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार रवि चौधरी ने जोधपुर के कोचिंग सेंटर संचालक से की थी ठगी।
डीसीपी ईस्ट ज्ञानचंद यादव ने बताया कि पीड़ित लाल गहलोत निवासी लक्ष्मी नगर जोधपुर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि मैं जोधपुर में कोचिंग सेंटर चलाता हूं। अखबार में एमबीबीएस में एडमिशन कराए जाने का विज्ञापन देखकर रवि चौधरी से संपर्क किया।
लाल गहलोत निवासी लक्ष्मी नगर जोधपुर ने शिकायत में कहा कि मैं जोधपुर में कोचिंग सेंटर चलाता हूं। मैंने अखबार में एमबीबीएस में एडमिशन कराए जाने का विज्ञापन देखकर रवि चौधरी से सम्पर्क किया। रवि चौधरी ने राजस्थान के किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन करवाने की बात कही। इस पर मैं रवि चौधरी से व्यक्तिगत रूप से मिला तथा उसे सन् 2018 में तीन छात्रों का एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के नाम पर 60 लाख रुपये दिए। उसने करीब 08 माह बाद उक्त छात्रों का एडमिशन नहीं होने पर मुझे मेरे 60 लाख रुपये वापस लौटा दिए। उसके बाद रवि चौधरी ने मुझे नीरज कुमार सिंह से मिलवाया तथा नीरज कुमार को एम्स दिल्ली में डॉक्टर बताया।
फोन ऑफ कर फरार हुए आरोपी
नीरज कुमार ने मुझे कहा कि मैं भारत में किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन करवा सकता हूं। उसकी बातों में आकर मैंने तीन मार्च 2019 को कुल 05 छात्रों में से 02 को एम्स में नौकरी लगाने व तीन छात्राओं का एमबीबीएस में एडमिशन कराने के नाम से एक करोड़ 37 लाख रुपये थाना प्रतापनगर जयपुर पूर्व के क्षेत्र में दे दिए। उसके बाद इन लोगों ने छात्रों को न तो नौकरी लगवाई व न ही एमबीबीएस में एडमिशन करवाया। इस पर मैंने रवि चौधरी से सम्पर्क किया तो उसने उक्त रुपये नीरज कुमार को दिए जाने की बात कही। उसके बाद से ही दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हैं। उक्त मामले में एफआईआर दर्ज कर मुकेश कुमार मीना उप निरीक्षक ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रवि चौधरी (63) को एक करोड़ से ज्यादा की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है।
