युवाओं को जाल में फंसा कर सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोडों रूपये डकारने वाला ईनामी ठग कर्नल गिरफतार

युवाओं को जाल में फंसा कर सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोडों रूपये डकारने वाला ईनामी ठग कर्नल गिरफतार
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 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। युवाओं को अपने जाल में फांसकर सरकारी नौकरी का झांसा देकर करोड़ रुपये डकारने वाले ईनामी ठग सवाई माधोपुर जिले के बांसड़ा हाल काली के बाग के पीछे गुर्जर मोहल्ला वार्ड नंबर 16 निवाई टोंक निवासी प्रेम सिंह उर्फ प्रेमचन्द उर्फ  छीतर सिंह पुत्र  जगदीश उर्फ जग्गा गुर्जर को गुलाबपुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस आरोपित का भारतीय सेना से कोर्ट मार्शल हो रखा है। इसके खिलाफ पूर्व में भी कई प्रकरण दर्ज हैं। आरोपित ने कई जिलों के बेरोजगार नौजवानों से ठगी करना कबूल किया है। 
गुलाबपुरा पुलिस के अनुसार, सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ निवासी राजेश कुमार जांगिड ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वर्ष 2021 में उसने पटवारी, जबकि उसकी भाभी आशा ने रीट, उसके साले राकेश ने ग्राम सेवक तथा  मामी ससुर के बेटे राजेश कुमार ने भी रीट की परीक्षा दी। इस दौरान भाभी संगीता के आयुर्वेदिक उपचार के लिए वह  फरवरी 2021 में भीलवाड़ा के आगुंचा आया, जहां उसका परिचय प्रेम सिंह बैसला उर्फ  छितरमल कर्नल से हुआ । उसने खुद को करोली निवासी बताया। आगुचा में ही उसकी इस व्यक्ति से तीन-चार बार मुलाकात हुई। उसने फोन से बात करके परिवादी राजेश से कहा तुम्हे व तुम्हारे रिश्तेदारो को नौकरी दिला दूंगा । उसने नौकरी दिलाने के नाम से  परिवादी से 72,50,000 रूपये  मांगे और कहा कि तुम्हारे परिवार के चारों जनो की नौकरी लगा दूंगा । आरपीएससी में उसकी अच्छी पहुंच व जान पहचान है । परिवादी ने विश्वास कर 10 अक्टूबर 2021 को 35 लाख 75,000 रूपये  सांवरिया होटल गुलाबपुरा में परिवादी के ससुर राजकुमार,  साले राकेश कुमार की उपस्थिति में दिये ।  30 अक्ठूबर 2021 को 36 लाख 75,000  रूपये आश्रम में  ससुर राजकुमार व साले राकेश के समक्ष उक्त प्रेम सिंह बैसला उर्फ छीतरमल कर्नल को दिये। इसके बाद बाद नवम्बर में रीट परीक्षा का परिणाम आया तो परिवादी की भाभी आशा व  मामी ससुर के बेटे राजेश का उक्त परीक्षा में चयन नही हुआ। इसके बाद पटवारी व ग्राम सेवक का रिजल्ट आया । उसमें परिवादी का पटवारी में व  साले राकेश कुमार का ग्राम सेवक में  भी चयन नहीं हुआ । इसके चलते आरोपित से  अपनी रकम का तकाजा किया तो उसने कहा कि वह, एक महिने में  सम्पूर्ण रुपये अदा कर देगा। एक माह बाद भी उसने रूपये अदा नही किये ।  प्रेम सिंह बैंसला उर्फ  छीतरमल कर्नल से दूरभाष पर सम्पर्क कर अपने रूपयों की मांग की तो उसने कहा कि तुम्हे विश्वास में लेकर तुम्हारे पैसे हडपने थे जो हड़प लिये । अब तुम्हे कोई रकम नही मिलेगी । आयन्दा रुपयों की मांग की तो तुम्हे जान से खत्म करवा दूंगा।  इस प्रकार आरोपित ने आज दिनतक कोई राशि नही लोटायी है। उसने  विश्वास में लेकर नौकरी देने के एवज में  छल कपट कर धोखाधडी कारित कर 72,50,000/- रूपये राशि ऐंठकर लोटाने से साफ  इनकार कर दिया है । इस रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरु की। 

 ठग पर घोषित किया 10 हजार रुपये का ईनाम, फिर पकड़ा गया 
मामले की गम्भीरता एवं बेरोजगार युवाओं के साथ हुयी धोखाधडी को देखते हुये जिला पुलिस अधीक्षक ने राज्य स्तरीय ठग की सुचना देने तथा गिरफतारी मे सहयोग देने वाले को दस हजार का ईनाम देने की घोषणा की। साथ ही पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय विमल सिह नेहरा व पुलिस उप अधीक्षक वृत गुलाबपुरा  लोकेश मीना के निकटतम सुपरविजन में थाना अधिकारी सुगनसिंह  द्वारा  प्रेम सिंह उर्फ  छीतर सिंह उर्फ  कर्नल की गिरफतारी के लिए टीम का गठन किया गया । पुलिस टीम ने सात दिन तक उदयपुर, राजसमन्द व देलवाडा में अथक प्रयास कर  तथाकथित कर्नल प्रेम सिंह उर्फ छीतर सिंह बैसला को गिरफतार कर लिया। 

देलवाडा में धाक जमाने के लिये करवा रहा था गरबा का आयोजन 

जब पुलिस टीम ईनामी बदमाश के निवास पर पहुंची तब एक बारगी लोगों को विश्वास नही हुआ। सभी पडोसियों ने बताया कि पिछले दो महिने से रिटार्यड कर्नल बनकर रहने वाला प्रेमसिह फर्जी भी हो सकता है। लोगो को कारगिल युद्ध के साहसिक किस्से सुनाकर तथा स्वंय द्वारा सेना नेतृत्व करने की बातें बताकर लोगों में अपना रोब जमा रखा था। गिरफतार तथाकथित झांसे बाज कर्नल ने स्वंय की फाईव स्टार होटल निर्माण की बातें बताकर स्थानीय निवासीयों को भी होटल में नौकरी लगाने का झांसा देकर सेवा करवाने में लगा रखा था। 

भारतीय सेना से तथाकथित कर्नल प्रेमसिह का हो रखा है कोर्टमार्शल
प्रेमसिह उर्फ छीतरमल बैंसला का सन 1998 में जहाजपुर थाने के भारतीय सेना और बैंक में नौकरी लगाने के प्रकरण में चालान होने तथा 2003 में  न्यायालय द्वारा सजायाप्त होने की सुचना पर भारतीय सेना द्वारा कोर्टमार्शल किया गया था।

पैरोल के लिये भी किया फर्जीवाडा 
 झांसेबाज कर्नल प्रेम सिंह बैंसला उर्फ  छीतरमल को फर्जी नौकरी लगाने के नाम रूपये ऐंठने एवं जाली नियुक्त पत्र तैयार करने के मामले में 07 वर्ष सश्रम कारावास की सजा हो चुकी है। सजा के दौरान पैरोल के लिये गांव वालों द्वारा जमानत देने से इन्कार करने पर फर्जी तरीके से निवाई जिला टोंक का मकान का किरायानामा तैयार कर पैरोल की जमानत भी हत्या के मामले में सजायाप्ता जेल के बंदी के परिजनो से करवायी तथा तस्दीक शुदा जमानत तहसील कार्यालय देवली से सेवानिवृत कर्मी के परिजनो से करवायी । 

शेयर मार्केट में धन दुगुना करने का लाल देकर पेंशन के 50 लाख डकारे
प्रेम सिह बैसला ने देवली तहसील में कार्यरत भोजाराम को शेयर मार्केट में धन दुगुना करने का लालच देकर पेंशन के 50 लाख रूपये डकार लिए तथा उसकी मृत्यु के बाद भोजाराम के परिजनो को लालच दिया कि वह पैरोल पर आकर उनके रूपये लोटा देगा। इसके लिये तस्दीक शुदा जमानत की आवश्यकता है तथा उनको घर की तस्दीक शुदा 02 लाख रूपये की जमानत देने को कहा। स्व0 भोजाराम की पत्नि ने स्वयं की घर की तस्दीक शुदा जमानत दी तथा प्रेमसिह के पैरोल से नही जाने के कारण जमानत जप्त हो गयी तथा भोजाराम के परिजनो को जुर्माने के 02 लाख रूपये भी जमा कराने पडे ।

 देवली के रिटायर्ड सैन्यकर्मी को भी लगाया 92 लाख का चूना-

मि0 नटवरलाल इतना शातिर निकला कि पैरोल से फरारी के दौरान देवली के रिटायर्ड सैन्यकर्मी तथा उसके परिजनो को अच्छी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 92 लाख की चपत लगा दी जिसका मामला देवली थाना में दर्ज हो कर तथाकथित ठग कर्नल प्रेमसिंह बैसला वाछित हैं ।

सरकारी अध्यापिका से तथाकथित कर्नल बनकर की चौथी शादी-

तथाकथित कर्नल प्रेमसिह बैसला ने अपने आप को भारतीय सेना का कर्नल बता कर सरकारी अध्यापिका को अपने प्रेमजाल में फंसा कर शादी कर ली । तथाकथित कर्नल प्रेमसिह बैसला जैल से 40 दिन की पैरोल के दौरान अध्यापिका के घर पर ही रूकता तथा छुटटी पुरी होने की बात कहकर पुन जैल में चला जाता। अध्यापिका अभी भी अनजान है तथाकथित कर्नल प्रेमसिह बैसला ने पूर्व में भी तीन शादीयां कर रखी थी।

 ठग  बैसला बलात्कार के मामले में भी जा चुका है जैल 
सन 2014 में पीपल खूंट पुलिस थाने में दर्ज बलात्कार के प्रकरण में तथाकथित कर्नल प्रेमसिंह बैसला को पुलिस ने गिरफतार किया था । इस मामले में आरोपी ने अपने खेत में काम करने वाली मजदूर महिला को शादी का झांसा दिया तथा थोडे दिन साथ रख शारीरिक शोषण कर महिला को वापस छोड दिया था ।

यहां के बेरोजगारों को बना चुका शिकार 
 तथाकथित कर्नल प्रेमसिह बैसला ने राजस्थान के सीकर, झुन्झुनू जोधपुर कुचामन, जयपुर, टोंक, कोटा व भीलवाडा के बेरोजगार युवाओ को सरकारी नौकरी लगाने का झांसा दे बडी रकम ऐंठना स्वीकार किया तथा
कोतवाली टोंक, टोडारायसिंह देवली थानो में वॉन्टेड है।

इस टीम को मिली सफलता
गुलाबपुरा थाना प्रभारी सुगन सिंह, एएसआई सुंडाराम, दीवान उमराव प्रसाद, कांस्टेबल अभेष (विशेष योगदान), राकेश अमरचन्द, रामरतन, परमवीर,रफीक मोहम्मद । 

  

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