पुराने पत्थर को पीसकर बनाते थे कलर एवम सोने चांदी से होती थी पेंटिंग - चंद्रेश श्रीमाली

पुराने पत्थर को पीसकर बनाते थे कलर एवम सोने चांदी से होती थी पेंटिंग - चंद्रेश श्रीमाली
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उदयपुर  । सामाजिक संस्था जीतो लेडीज विंग उदयपुर की और से आर्ट एवं कल्चर वर्टिकल के अंतर्गत महारानी एंपोरियम पर हैंडीक्राफ्ट के बारे में जाना। लेडीज विंग अध्यक्षा विजयलक्ष्मी गलुंडिया ने बताया कि आर्ट एवम कल्चरल सह संयोजिका भावना शाह के निर्देशन में जीतो लेडीज विंग सदस्यों के ग्रुप ने सहेलियों की बाड़ी स्थित महारानी एंपोरियम की विजित कर हैंडीक्राफ्ट वस्तुओं का इतिहास जाना। महारानी एंपोरियम के डायरेक्टर चंद्रेश श्रीमाली एवम प्रवीण श्रीमाली ने बताया कि हर पेंटिंग किसी न किसी संस्कृति को प्रदर्शित करती है उन्होंने पिछवाई पेंटिंग , राधा- कृष्ण रास लीला पेंटिंग के बारे में बताया,  साथ ही 50 से 100 वर्ष पुरानी वस्तुएं- पुरानी हवेली के दरवाजे, खिड़कियां, लालटेन, फूलदान, पुरानी सलमा सितारा, जरदोगी, आरितारी वर्क के बारे में बताया साथ ही 100 वर्ष पुराने कोट, लहंगे सारी एवम उससे निर्मित बैग, जैकेट, कोट की भी सदस्यों को जानकारी दी, उन्होंने पुरानी कलाकृतियों की भी जानकारी दी साथ ही यह बताया कि पुराने पत्थरों को पीसकर कलर बनाए जाते थे उन्होंने वो पत्थर भी दिखाए साथ ही सोने एवम चांदी से पेंटिंग होती थी और नक्काशी वर्क की भी जानकारी दी। इस अवसर पर जीतो लेडीज विंग चीफ सेक्रेटरी प्रीति सोगानी,  आशा अदा कोठारी, ऋतु मारू, अनिता भानावत, मंजुला गेलडा, स्वाति जैन, मीना तलेसरा,रेखा जैन, तारा भंडारी, मोनिका कोठारी सुरभि बोल्या, श्वेता जैन, दीपिका जैन, गुणबाला जैन सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

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