कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी विषय पर परिचर्चा आयोजित

राजसमन्द ( राव दिलीप सिंह) सेठ रंगलाल कोठारी राजकीय महाविद्यालय, राजसमन्द में महिला अध्ययन प्रकोष्ठ के अंतर्गत “कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी“ विषय पर डॉ. पी.सी. रेगर (मुख्य वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र - राजसमंद) ने विद्यार्थियों के साथ एक महत्वपूर्ण परिचर्चा की। डॉक्टर रेगर ने बताया की जब तक धरती पर जीवन है तब तक कृषि का महत्व रहेगा। खेती ही एक ऐसा व्यवसाय है जो नाकभी कम होगा और न ही समाप्त इसीलिए हमें खेती पर सर्वाधिक ध्यान देना चाहिए। इसी से रोजगार की समस्या समाप्त भी होगी और अच्छी आमदनी भी होगी। आज नई तकनीक और पूरी जानकारी के साथ यदि खेती करते हैं तो व्यक्ति अच्छी आमदनी कर सकता है।
कहा कि राजसमंद जिले में बहुत से किसान खेती करके अपना नाम कमा रहे हैं। ब्रोकली,लाल मूली, तुलसी, आंवले की खेती, इन सब में किसानों ने नवाचार अपनाया है। हमें विरासत में मिली खेती योग्य जमीन पर अधिक से अधिक उपयोग कर जीविकोपार्जन को बेहतर बनाना है, न कि उसे बेच देना है।कार्यक्रम के प्रारंभ में प्राचार्य प्रो. सुमन बडोला तथा डॉ. विजेंद्र शर्मा ने ओपरना उठाकर स्वागत किया तथा महत्वपूर्ण जानकारी के लिए आभार व्यक्त किया।
महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने इस उपयोगी जानकारी को बहुत ध्यान से सुना। वरिष्ठ संकाय सदस्य निर्मला मीणा, खुशबू जीनगर, डॉ. महेश तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. उषा शर्मा ने किया।
