विदेश मंत्री बोले- भारत के पास चुनौतियों के सामने खड़े होने का साहस, दुनिया को हमसे काफी उम्मीदें

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने शनिवार को साइप्रस की राजधानी निकोसिया में प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया और कहा कि दुनिया को भारत से काफी उम्मीदें हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत को आज एक मजबूत अर्थव्यवस्था और दुनिया की समस्याओं को हल करने में योगदान देने वाले देश के रूप में देखा जाता है।
अपने संबोधन में विदेश मंत्री ने कहा कि आज भारत एक ऐसे देश के रूप में उभरा है, जो दुनिया के सामने आने वाली समस्याओं को हल करने में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि भारत के पास चुनौतियों के सामने खड़े होने का साहस है। हमारे पास लोगों को एक टेबल पर लाने की क्षमता है।
साइप्रस की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के अंतिम दिन जयशंकर ने कहा कि भारत जी20 की अध्यक्षता को इस तरह से संभालेगा कि दुनिया देश की विविधता को और भी अधिक समझ सके और उसकी सराहना कर सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि विदेश में रहने वाले और तीन-चार साल के अंतराल के बाद देश की यात्रा करने वाले भारतीयों को अब बदला हुआ भारत देखने को मिल रहा है।
विदेश मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी कठिन अनुभव रही है। हमने न सिर्फ कोविड से सफलतापूर्वक सामना किया, बल्कि महामारी के दौरान हमने एक बेहतर स्वास्थ्य प्रणाली, बेहतर वितरण प्रणाली, बेहतर सामाजिक-डिजिटल वितरण और सुरक्षा जाल (चाहे वित्तीय या खाद्य सहायता हो) बनाया है।
भारत ने कई क्षेत्रों में आर्थिक सुधार किए...
जयशंकर ने कहा कि भारत आज उस युग से बाहर आ गया है, जब लोगों को खुद की देखभाल करने के लिए छोड़ दिया जाता था। विदेश में रहने वाले भारतीयों को इस बदलाव की सराहना करनी चाहिए और उसे समझना चाहिए। जयशंकर ने कहा कि भारत ने विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक सुधार किए। इनमें बैंकिंग प्रणाली में सुधार, क्रेडिट नीति में बदलाव, सेवा क्षेत्र को समर्थन, छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसाय, श्रम सुधार और शिक्षा सुधार शामिल हैं।
जयशंकर ने कहा कि मोदी सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद यह स्पष्ट किया है कि विदेश में रहने वाले भारतीय देश के लिए ताकत का एक बड़ा स्रोत रहे हैं। पिछले सात या आठ वर्षों में, दुनिया में जहां भी भारतीय मुश्किल में थे, भारत सरकार उनकी मदद के लिए आगे आई।
