पीएम मोदी के नेतृत्व में यूएन हेडक्वार्टर्स में हुआ ऐतिहासिक योग सत्र, वसुधैव कुटुंबकम का दिया संदेश

न्यूयॉर्कl अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमरीका के न्यूयॉर्क में स्थित यूएन हेडक्वार्टर्स में एक ऐतिहासिक योग सत्र का आयोजन हुआ। इंटरनेशनल लेवल पर आयोजित इस कार्यक्रम की गवाह पूरी दुनिया बनी।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अमरीका के न्यूयॉर्क में स्थित यूएन हेडक्वार्टर्स में एक ऐतिहासिक योग सत्र का आयोजन हुआ। पीएम मोदी के साथ यूएन के कई अधिकारियों, प्रतिनिधयों और साथ ही कई प्रवासी भारतीयों और अमरीकियों ने योग किया। पीएम मोदी के इस ऐतिहासिक योग सत्र को दुनियाभर में देखा गया और अलग-अलग जगहों से लोग अपने घरों से योग करते हुए वर्चुअल रूप से इस ऐतिहासिक योग सत्र का हिस्सा बने।
वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग
पीएम मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस ऐतिहासिक योग सत्र का मुख्य संदेश रहा 'वसुधैव कुटुंबकम', यानी कि पूरी दुनिया एक परिवार। ऐसे में पूरी दुनिया को एक परिवार मानते हुए इस योग सत्र का आयोजन किया गया और यही संदेश सभी को दिया गया।
महात्मा गांधी की प्रतिमा को श्रद्धांजलि के साथ हुई शुरुआत
पीएम मोदी ने यूएन हेडक्वार्टर्स में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को फूल अर्पित करते हुए इस ऐतिहासिक योग सत्र की शुरुआत की।
दुनिया को किया संबोधित
पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में योगाभ्यास से पहले पूरी दुनिया को संबोधित भी किया।
योग का अर्थ है जोड़ना
पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करत्ते हुए कहा, "हम यहां पूरी मानवता के मिलन स्थल पर एकत्रित हुए हैं। मैं आप सभी को देखकर बहुत खुश हूं और आप सभी का यहाँ आने के लिए धन्यवाद करता हूं। मुझे बताया गया है कि आज इस अवसर पर यहाँ लगभग हर राष्ट्रीयता का प्रतिनिधित्व किया जा रहा है। योग का अर्थ है जोड़ना, इसलिए हम सब आज आप एक साथ यहाँ पर मौजूद हैं। यह योग के दूसरे रूप की अभिव्यक्ति है।"
भारत से हुई योग की उत्पत्ति
पीएम मोदी ने आगे कहा, "योग की उत्पत्ति भारत से हुई है और यह बहुत पुरानी परंपरा है। योग कॉपीराइट, पेटेंट और रॉयल्टी भुगतान से पूरी तरह से मुक्त है। योग आपकी आयु, जेंडर और फिटनेस स्तर के अनुकूल है। योग पोर्टेबल है और सही मायनों में सार्वभौमिक है।"
योग के लिए पूरी दुनिया आई साथ
पीएम मोदी ने आगे कहा, "पिछले साल 2023 को इंटरनेशनल ईयर फॉर मिलेट्स के रूप में मनाने के भारत के प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए पूरी दुनिया एक साथ आई थी। आज योग के लिए पूरी दुनिया एक बार फिर साथ आई है और यह अवसर अद्भुत है।"
