LIVE नई संसद भवन से संसद की कार्यवाही शुरू

संसद का विशेष सत्र चल रहा है। आज मंगलवार को सत्र का दूसरा दिन है। सत्र की कार्यवाही आज से नए संसद भवन में चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सांसद पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल से निकलकर नई संसद पहुंच गए है। इसमें प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी सांसद बैठे नजर आ रहे हैं। राष्ट्रगान से साथ नए संसद भवन की कार्यवाही शुरू, विशेष सत्र में सभी सांसद मौजूद है। इससे पहले पुरानी संसद में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों का एक साथ फोटो शूट हुआ। इसमें पीएम मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य मौजूद रहे। कांग्रेस सांसद और विपक्ष के अन्य सांसदों ने नई बिल्डिंग में अलग से प्रवेश किया। आज से संसद की कार्यवाही नए संसद भवन में शुरू हो गई।
पीएम मोदी का संबोधन
'सभी सांसदों और देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में आपने मुझे बात रखने का अवसर दिया, इसका आभारी हूं। इस नए संसद भवन में आप सभी माननीय सांसदों का हृदय से स्वागत करता हूं। यह अवसर कई मायनों में अभूतपूर्व है। आजादी के अमृतकाल का यह उषाकाल है। भारत अनेक सिद्धियों के साथ नए संकल्प लेकर नए भवन में अपना भविष्य तय करने के लिए आगे बढ़ रहा है। विज्ञान जगत में चंद्रयान-3 की गगनचुंबी सफलता हर देशवासी को गर्व से भर देती है। भारत की अध्यक्षता में जी20 का असाधारण विश्व में प्रभाव डाल चुका है। यह अवसर भारत के लिए बना है। इसी आलोक में आज आधुनिक भारत और प्राचीन लोकतंत्र के प्रतीक नई संसद का शुभारंभ हुआ है। सुखद संयोग है कि यह गणेश चतुर्थी का शुभ दिन है। गणेशजी शुभता और सिद्धि के देवता हैं। गणेशजी विवेक और ज्ञान के भी देवता हैं। इस पावन दिवस पर हमारा यह शुभारंभ संकल्प से सिद्धि की ओर से नए विश्वास के साथ यात्रा आरंभ करने का है। आज लोकमान्य तिलक की याद आना स्वाभाविक है। आजादी के आंदोलन में गणेशोत्सव को एक सार्वजनिक गणेशोत्सव के रूप में प्रस्थापित कर पूरे देश में सुराज्य की अलख जगाने का माध्यम बनाया था। लोकमान्य तिलक ने स्वराज्य की बात की थी, आज हम समृद्ध भारत की प्रेरणा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सभी देशवासियों को मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।'
रानी संसद को कहा जाए संविधान सदन- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हम यहां से विदाई लेकर नए संसद भवन में जा रहे हैं। ये शुभ है कि गणेश चतुर्थी के दिन बैठ रहे हैं। उप राष्ट्रपति जी और लोकसभा अध्यक्ष जी आपने एक प्रार्थना और सुझाव है कि जब हम नए संसद भवन में जा रहे हैं तो इसकी गरिमा कभी कम नहीं होनी चाहिए, इसे पुरानी संसद कहकर न छोड़ दें। इसे संविधान सदन के रूप में जाना जाए, ताकि ये हमारी जीवन प्रेरणा बनी रहे। इसलिए भावी पीढ़ी को ये तोहफा देने का मौका भी हमें नहीं जाने देना चाहिए।
छोटे कैनवास पर बड़ा चित्र नहीं बनता- PM मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के मामले में भारत पांचवे स्थान पर हैं और जल्द ही यह टॉप 3 में शामिल होने वाला है। भारत ने हर सेक्टर में काफी तरक्की की है। आज का भारत नई ऊर्जा से भरा हुआ है।गुलामी की जंजीरों ने युवाओं की एसपीरेशन को दबोचकर रखा हुआ था। पीएम मोदी ने कहा कि आज मिलकर हम जहां पहुंचे हैं, वहां हम रूकना नहीं चाहते हैं। हम नए लक्ष्य को गढ़ना चाहते हैं। हम जो भी रिफॉर्म करें, उसके मूल में इंडियन एसपीरेशन सबसे प्राथमिकता में होना चाहिए। भारत नई चेतना के साथ जाग गया है। 75 साल का हमारे पास अनुभव है, उससे हमने सीखा। हमारे पास एक बहुत बड़ी विरासत है।
मुस्लिम बहनों को न्याय और 370 से मुक्ति इसी सदन से पाई- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि संसद का यह भवन काफी भावनाओं से भरा हुआ है। ये हमें भावुक भी करता है और आगे बढ़ान के लिए प्रेरित भी करता है। इसी सदन ने तीन तलाक को लेकर कानून बनाया। हमारा सौभाग्य है कि इसी सदन में अनुच्छेद 370 से मुक्ति पाने का आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाया गया। पीएम मोदी ने कहा कि आज जम्मू कश्मीर शांति और विकास के रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हुआ है। लाल किले से मैंने कहा था कि यही समय है, सही समय है।
यही समय है सही समय है - पीएम मोदी
पीएम मोदी ने पुरानी संसद में अपने आखिरी संबोधन की शुरुआत गणेश चतुर्थी की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में हम नए भविष्य का श्री गणेश करने जा रहे हैं। ये भवन और उसमें भी यह सेट्रल हॉल एक प्रकार से हमारी भावनाओं से भरा हुआ है। हमें भावुक भी करता है और हमें हमारे कर्तव्य के लिए प्रेरित भी करता है। उन्होंने कहा कि आजादी के पूर्व ये खंड एक प्रकार से लाइब्रेरी के रूप में इस्तेमाल होता था। बाद में यहां संविधान सभा की बैठक शुरू हुई। उसमें गहन चर्चा करके हमारे संविधान ने यहीं पर आकार लिया। यहीं पर 1947 में अंग्रेजी हुकूमत ने सत्ता हस्तांतरण किया। यह सेंट्रल हॉल उस प्रकिया का भी साक्षी है।हमारे राष्ट्रगान और तिरंगे को भी यहीं अपनाया गया। पीएम मोदी ने कहा कि इस संसद ने कई बदलाव देखे हैं।
खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं- अधीर रंजन
लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि इस अवसर का लाभ उठाते हुए, बिना किसी मलाल के और बिना कोई शब्द बोले, मुझे कहना होगा कि मैं इस मंच पर खड़ा होकर गौरवान्वित और उत्साहित महसूस कर रहा हूं, जिसने ऐतिहासिक कारवां देखा है। भारत दुनिया की सबसे ऊंची अर्थव्यवस्था होने के बावजूद, हमारी प्रति व्यक्ति जीडीपी विकसित देशों की तुलना में बहुत पीछे है। इस आर्थिक विकास चुनौती से निपटने के लिए विकास समर्थक सरकारी नीतियों, कम मुद्रास्फीति का मार्गदर्शन, ब्याज दरों को कम करने, बेरोजगारी को कम करने, एक कुशल कार्यबल को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने याद किया स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान
राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "हम सभी आज यहां एक साथ ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में भारत की संसद की समृद्ध विरासत का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। इसी सेंट्रल हॉल में संविधान सभा की बैठक 1946 से 1949 तक हुई थी। आज हम विनम्रतापूर्वक डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और बीआर अंबेडकर के योगदान को याद कर रहे हैं... "
सात प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में भविष्य को आकार लेते देखा: मेनका गांधी
संसद के विशेष सत्र के दौरान भाजपा सांसद मेनका गांधी ने कहा, "आज यह एक ऐतिहासिक दिन है और मुझे इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने पर गर्व है। हम एक नई इमारत में जा रहे हैं और उम्मीद है कि यह भव्य इमारत नए भारत की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगी। आज, मुझे लोकसभा में सबसे वरिष्ठ सांसद के रूप में इस सम्मानित सभा को संबोधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है... मैंने अपना अधिकांश जीवन इस संस्थान में बिताया है और मैंने 7 प्रधानमंत्रियों और भव्य इतिहास को आकार लेते हुए देखा है। एक स्वतंत्र सदस्य के रूप में मेरे पास कई कार्यकाल थे और अंततः अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हुई।"
टीएमसी बोली- यह चुनाव की मजबूरी
महिला आरक्षण बिल पर टीएमसी का भी बयान सामने आया है। टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि यह चुनाव की मजबूरी है, और कुछ नहीं। चुनाव आ रहे हैं, उन्होंने (केंद्र सरकार) पिछले 9.5 साल में कुछ नहीं किया। क्या वे महिला आरक्षण बिल लाएंगे। हम इसका समर्थन करेंगे, देर आये दुरुस्त आये।
