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अस्थिर सरकार के पीएम के तौर पर बंधे रहेंगे नवाज के हाथ, पाकिस्तान सेना के हाथ में ही होगी गठबंधन की चाबी

अस्थिर सरकार के पीएम के तौर पर बंधे रहेंगे नवाज के हाथ, पाकिस्तान सेना के हाथ में ही होगी गठबंधन की चाबी

 नई दिल्ली। 08 फरवरी, 2024 को पाकिस्तान में हुए आम चुनाव के परिणाम को लेकर जो तथ्य सामने आ रहे हैं उससे यह तो साफ है कि वहां की पूरी चुनाव प्रक्रिया पर कोई भरोसा नहीं कर सकता।

चुनाव परिणाम के बाद की स्थिति क्या होती है इसका खुलासा शुक्रवार को देर रात या शनिवार को होने की संभावना है, लेकिन जो आसार बन रहे हैं उससे इस बात की संभावना है कि नवाज शरीफ की अगुवाई में ही एक मिली-जुली सरकार बनेगी। हालांकि, एक कमजोर गठबंधन होने की वजह से सरकार की चाबी पाकिस्तान सेना के हाथ में ही होगी।

भारत के कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि नवाज शरीफ का फिर से प्रधानमंत्री बनना भारत के साथ रिश्तों के हिसाब से एक सकारात्मक पहलू हो सकता है लेकिन अस्थिर राजनीतिक हालात की वजह से इस बारे में बात आगे बढ़ेगी, ऐसा कहना ठीक नहीं होगा। साथ ही कमजोर गठबंधन होने की वजह से हर विषय में पाकिस्तान की सेना की ही चलेगा।

वोटिंग से पहले भी और बाद में हुआ बाहरी हस्तक्षेप

पाकिस्तान में पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया का कहना है कि जिस तरह की प्रक्रिया पिछले 24 घंटे के दौरान पड़ोसी देश में हुई है उससे साफ है कि वहां वोटिंग से पहले भी और बाद में भी बाहरी हस्तक्षेप हुआ है। लेकिन इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। खास तौर पर जो लोग पाकिस्तान को करीब से देख चुके हैं वह जानते हैं कि वहां चुनाव किस तरह से करवाये जाते हैं।

पाकिस्तान की सेना के मुताबिक निकल सकता है परिणाम

हां, इस बार इमरान खान की पार्टी (पीटीआई) के समर्थक स्वतंत्र उम्मीदवार नतीजों में जिस तरह से पहले आगे चल रहे थे उससे यह संदेश देने की कोशिश हुई है कि वहां चुनाव निष्पक्ष कराये गये हैं और इससे पीटीआई के कारिंदों को कुछ गलतफहमी भी हुई है लेकिन यह दूर होने लगी है। असलियत यहीं है कि पाकिस्तान की सेना जैसा चाहती है वैसा परिणाम निकालने जा रही है।