संत ललितप्रभ एवं संत चंद्रप्रभ 15 दिसंबर को राजसमंद में ,होगी 3 दिवसीय प्रवचन माला

राजसमन्द ( राव दिलीप सिंह) राष्ट्रसंत ललितप्रभ महाराज, राष्ट्रसंत चंद्रप्रभ महाराज एवं डॉ. शांतिप्रियसागर महाराज का उदयपुर में चातुर्मास पूर्ण करने के बाद 15 दिसम्बर को राजसमंद-कांकरोली में आगमन हो रहा है। उनका यहां तीन दिवसीय प्रवास होगा । संबोधि सेवा परिषद राजसमंद के भूपेंद्र चोरड़िया ने बताया कि राष्ट्र संतों के कांकरोली में 15 से 17 दिसम्बर तक स्टेशन रोड स्थित प्रज्ञा विहार में जीवन जीने की कला पर दिव्य सत्संग का आयोजन किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन प्रातः 9:15 से 11:00 बजे तक विशिष्ट प्रवचन होंगे।
अपनी प्रभावी प्रवचन शैली के लिए पूरे देश भर में लोकप्रिय राष्ट्रसंत इन तीन दिवसीय प्रवचनों में जीवन निर्माण, व्यक्तित्व विकास, पारिवारिक प्रेम एवं धर्म अध्यात्म पर विशेष मार्गदर्शन देंगे। इससे पहले भी विगत जून माह में राष्ट्र संतों ने कांकरोली में अपने प्रवचनों का आयोजन कर नगरवासियों को जीने की कला का पाठ पढ़ाया था, जिसमें सर्वधर्म सद्भाव का वातावरण बनाते हुए नगर के हजारों लोगों ने भाग लिया था। देशभर में अपनी विशिष्ट प्रवचनों के आमजन में लोकप्रिय राष्ट्र संतों के प्रवचन से लाभान्वित होने के लिए राजसमंद जिले के समस्त श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है ।
आयोजन की तैयारियों को लेकर संबोधी सेवा परिषद, राजसमन्द द्वारा बैठक कर विशाल पांडाल निर्माण, वृद्धजनों के बैठने के लिए कुर्सिया, स्वागत, आवास, टेंट, प्रवचन स्थल, प्रचार प्रसार, निमंत्रण, शोभा यात्रा, जल और भोजन व्यवस्था, भजन संध्या सहित अन्य अलग- अलग समितियों का गठन कर सभी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई है। तैयारियों को लेकर सुनील पगारिया, कमलेश कच्छारा, भूपेंद्र चोरड़िया, चंद्र प्रकाश सियाल, आशीष वागरेचा, कुलदीप सोनी, ललित बाफना, जितेन्द्र लड्ढा, आशा पालीवाल, पंकज मेहता, महावीर बोल्या, दीपक हिंगड़, डॉ वीरेंद्र महात्मा, हिम्मत कटारिया, दीपक कांकरिया, अनिल बोहरा, सुधीर व्यास, नवीन विश्वकर्मा, ओमप्रकाश मंत्री, प्रदीप लड्ढा, विजय बहादुर जैन, ललित मांडोत, सत्यनारायण पालीवाल सहित संबोधी सेवा परिषद के सभी सदस्य एवं अनेक समाजसेवी लगे हुऐ हैं।
