फिल्म निर्माता समेत दो की हत्या में करीबियों पर घूम रही शक की सुई

फिल्म निर्माता समेत दो की हत्या में करीबियों पर घूम रही शक की सुई
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ग्रेटर नोएडा के दनकौर के बल्लूखेड़ा गांव के निर्माणाधीन फिल्म स्टूडियो में सो रहे फिल्म निर्माता विक्रमजीत (42) और रिश्ते के चाचा सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मी रामकुमार (58) की हत्या कर दी गई। बुधवार रात को आरोपियों ने फिल्म निर्माता और रिटायर्ड रोडवेज कर्मी की गर्दन और चेहरे पर फावड़े से सात से आठ वार कर वारदात को अंजाम दिया। 

वारदात की सूचना मिलते ही डीसीपी, एडीसीपी समेत और कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। मामले में रामकुमार के बेटे शीशपाल की तहरीर पर कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 

पुलिस को दी तहरीर में विक्रमजीत की पत्नी पर हत्या में शमिल होने की आशंका व्यक्त की गई है। दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में दहशत का माहौल है। शीशपाल ने बताया कि पिता रामकुमार गांव के ही पारिवारिक भतीजे और दोस्त विक्रमजीत के फिल्म स्टूडियो में बुधवार रात सो रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह एक ग्रामीण विक्रमजीत से मिलने गया था। 

उसने देर तक दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खुलने पर वह चहारदीवारी से कूदकर अंदर पहुंचा। वहां व्रिकमजीत और रामकुमार लहूलुहान अवस्था में अलग अलग चारपाई पर बेहोश पड़े हुए थे। चारपाई के पास ही खून से सना फावड़ा व राजमिस्त्री की बसूली पड़ी थी। उसने शोर मचाकर परिजन और ग्रामीणों को एकत्रित किया। 

तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। तब तक रामकुमार की मौत हो चुकी थी, जबकि विक्रमजीत की सांसें चल रही थीं। ग्रामीणों ने उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां दोपहर में उपचार के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया।

 

फिल्म निर्माता और रामकुमार में थी गहरी दोस्ती
रामकुमार एक माह पहले सेवानिवृत हुए थे। उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। दोनों बेटे शीशपाल और उमेश गांव में ही रहते हैं। वहीं विक्रमजीत कई वर्षों से ग्रेटर नोएडा में रहता था। लगभग 15 वर्ष से पत्नी से विवाद चल रहा था। इस कारण उनका गांव आनाजाना कम था। विक्रमजीत की पत्नी और बच्चे गांव में ही रहते हैं। रामकुमार और विक्रमजीत में गहरी दोस्ती थी। रामकुमार भी स्टूडियो के निर्माण में देखरेख कर रहे थे। यहां तक कि दोनों रात को भी निर्माणाधीन स्टूडियो में सोने लगे थे।

 

चार बीघे में बन रहा था स्टूडियो, 20 से शुरू होनी थी शूटिंग
ग्रामीणों ने बताया कि विक्रमजीत की गांव में करीब चार बीघा जमीन है। जिसपर वह फिल्म शूटिंग के लिए स्टूडियो का निर्माण करा रहा था। फिल्म बनाने के लिए 10 लाख रुपये का कैमरा और स्टूडियो के लिए अन्य सामान खरीद चुका था। 20 सितंबर को शूटिंग शुरू होनी थी।

 

करीबियों पर घूम रही शक की सुई, यूट्यूबर दोस्त उगलेगा राज
गांव बल्लू खेड़ा में फावड़े से हमला कर रामकुमार और विक्रमजीत के दोहरे हत्याकांड में शक की सुई संपत्ति विवाद और करीबियों के इर्द-गिर्द घूम रही है। रक्षाबंधन के दिन विक्रमजीत के परिवार में संपत्ति बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था। विक्रमजीत के फिल्म स्टूडियो बनाने को लेकर भी परिवार के लोग एकमत नहीं थे। विक्रमजीत कहानी और गाने लिखने के शौक और यूट्यूबर दोस्त से नजदीकियां बढ़ने पर फिल्म स्टूडियो बना रहा था। 

 

विक्रमजीत की रामकुमार के अलावा यूट्यूबर दोस्त से सबसे अधिक निकटता थी, शनिवार रात दस बजे तक वह निर्माणाधीन स्टूडियो पर मौजूद था। इसके चलते पुलिस अब यूट्यूबर को पूछताछ के लिए तलाश रही है। घटना स्थल निर्माणाधीन फिल्म स्टूडियो मेंपुलिस व फोरेंसिक टीम ने गहनता से जांच की है। पुलिस का कहना है कि स्टूडियो में बने दो कमरों में करीब 10 लाख रुपये का शूटिंग से जुड़ा समान, कैमरे आदि सुरक्षित रखे थे। दोनों के मोबाइल फोन भी चारपाई पर ही रखे मिले। हत्यारोपियों ने कोई भी सामान नहीं लिया। इससे पता चलता है कि आरोपियों का उद्देश्य केवल हत्या करना था।

वहीं डॉग स्क्वायड टीम के निरीक्षण के बाद पता चला कि आरोपी चहारदीवारी कूदकर स्टूडियो में दाखिल हुए। हमलावरों की संख्या एक से अधिक होने की आशंका है। पुलिस ने बताया कि विक्रमजीत का दूसरा भाई यूपी पुलिस में है, जो मुरादाबाद ही बच्चों के साथ रहता है। जबकि तीसरा भाई गांव में ही रहता है। रक्षाबंधन पर तीनों भाई, जिस जमीन पर स्टूडियो बनाया जा रहा है, उसके बंटवारे को लेकर एकत्रित हुए और उन्होंने रिश्तेदारों की मौजूदगी में वार्ता की।

पुलिस ने बताया कि वार्ता में सामने आया कि विक्रमजीत पत्नी से विवाद के चलते उसे व बेटे को हिस्सा नहीं देना चाहता था। इसके अलावा रामकुमार भी एक माह पहले सेवानिृवत होकर गांव आया था। इससे पहले वह खुर्जा में रहकर नौकरी करता था। रामकुमार से किसी का विवाद तो नहीं था, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

बल्लूखेड़ा के पास प्रस्तावित है फिल्म सिटी
ग्रामीणों का कहना है कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की पहली फिल्म सिटी प्रस्तावित है। इसकी प्रस्तावित भूमि बल्लू खेड़ा गांव के करीब ही है। इसके चलते ही विक्रमजीत यहां फिल्म स्टूडियो बना रहा था। वहीं पुलिस का कहना है कि विक्रमजीत के किंग उपनाम के यूट्यूबर से निकटता हो गई थी। विक्रमजीत उसके व उसके करीबी अन्य यूट्यूबरों की फिल्म आदि के गाने और कहानी लिखने लगा था। किंग ने ही विक्रमजीत को सलाह दी थी कि गौतमबुद्ध नगर के यूट्यूबरों व फिल्म मेकरों के लिए वह स्टूडियो बना देगा तो इससे आने वाले समय में आमदनी होगी। 20 सितंबर को किसी देहाती फिल्म की शूटिंग होनी थी तो तैयारी भी तेजी से चल रही थी। पुलिस को उम्मीद है कि करीबी यूट्यूबर दोस्त से पूछताछ में संपत्ति विवाद व आरोपियों के संबंध में भी सुराग मिल सकते हैं।

 

कहीं इंतकाम के लिए तो नहीं की गई हत्या!
हत्याकांड के पीछे आरोपियों का गुस्सा साफ दिख रहा है। एक के बाद एक कई वार किए गए। पुलिस अधिकारी भी इस हत्या को किसी बात का इंतकाम ही मान रहे हैं। चूंकि जिस बेदर्दी से फावड़े से दोनों को मारा गया है। उससे प्रतीत होता है कि हत्यारोपी किसी न किसी बात को लेकर बेहद खफा थे।

सीसीटीवी कैमरे लगने पहले की वारदात
जानकारी मिली है कि स्टूडियो में बृहस्पतिवार को सीसीटीवी लगाने का काम होना था। इसकी भनक भी आरोपियों को लग गई थी। इसके चलते आरोपियों ने इससे पहले ही वारदात को अंजाम दे दिया। अंदेशा है कि हत्यारोपी विक्रमजीत या रामकुमार में से किसी एक ही संपत्ति या किसी अन्य विवाद में हत्या करना चाहते थे। लेकिन दूसरे की हत्या पकड़े जाने के डर से की।

करीबियों पर हत्या का शक है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शाम को दोनों शवों का दाह संस्कार किया गया। पुलिस गांव में मौजूद रही। रामकुमार के बेटे की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। इसमें विक्रमजीत के संपत्ति को लेकर विवाद की बात लिखी हुई है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।

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