पाकिस्तान की सबसे बड़ी टेंशन बनाटीटीपी, पीएम हाउस में हुई इमरजेंसी मीटिंग, सेना के तीनों चीफ रहे शामिल

पाकिस्तान की सबसे बड़ी टेंशन बनाटीटीपी, पीएम हाउस में हुई इमरजेंसी मीटिंग, सेना के तीनों चीफ रहे शामिल
X

आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान   के हमलों ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार (31 दिसंबर) को नेशनल सिक्योरिटी कमिटी के साथ हाई प्रोफाइल इमरजेंसी मीटिंग की. इस मीटिंग में पाकिस्तानी सेना के तीनों चीफ शामिल थे. आतंकी संगठन टीटीपी पाकिस्तानी सेना और सरकार दोनों की परेशानी का सबब बना हुआ है. 

इस हाई प्रोफाइल मीटिंग में दो अहम मुद्दों पर बात हुई. मीटिंग में अफगानिस्तान की बॉर्डर फोर्स की ओर से होने वाली फायरिंग और पाकिस्तान के अंदर तहरीक-ए- तालिबान की ताबड़तोड़ आतंकी वारदातों को लेकर चर्चा की गई. बता दें कि टीटीपी के आतंकी खैबर पख्तूनख्वा में हर रोज धमाका कर रहे हैं लेकिन पाकिस्तान की सेना में मिलिट्री ऑपरेशन लॉन्च करने से डर रही है. इतना ही नहीं पाकिस्तान के पूर्व सैनिक और बड़े-बड़े डिफेंस एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि तालिबान को सपोर्ट करना पाकिस्तान की सबसे बड़ी गलती थी.

पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष कर चुके बैठक

तालिबान सरकार के संरक्षण में काम कर रहे आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हमलों से पाकिस्तान में इन दिनों हालात गंभीर बने हुए हैं. इस महीने टीटीपी ने पाकिस्तान में एक के बाद एक कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल सईद असीम मुनीर ने मंगलवार (27 दिसंबर) को आर्मी हेडक्वार्टर में सेना के टॉप कमांडरों की अचानक मीटिंग बुलाई थी. इस मीटिंग में टीटीपी से जुड़े मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई. जनरल मुनीर ने पिछले महीने ही पाकिस्तानी सेना की कमान संभाली है. उसके बाद टॉप कमांडरों की हुई यह दूसरी बैठक थी. बैठक के बाद बताया गया कि कमांडरों ने आतंकवाद का जड़ से खात्मा करने का संकल्प लिया है.

पाकिस्तान में आतंकी हमलों में हुई बढ़ोतरी

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय से टीटीपी पाकिस्तान में ज्यादा सक्रिय हो गया है. आंकड़ों की मानें तो 15 अगस्त 2021 से 14 अगस्त 2022 के बीच पाकिस्तान में हुए आतंकी हमलों की संख्या में 51 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इन हमलों में 433 लोगों को जान गई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हुए. 

बता दें कि तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को ही काबुल की सत्ता पर कब्जा किया था. तभी से पाकिस्तान में आतंकी हमलों में इजाफा देखा गया है. इस साल अगस्त के बाद से इन हमलों में पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान जल्द ही खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवादियों के खिलाफ कोई बढ़ा ऑपरेशन शुरू कर सकता है. 

Next Story