नोटबंदी के बाद भी कम नहीं हुआ नकली नोटों का चलन, 2016 के बाद देश में जब्त हुआ 245 करोड़ से अधिक का जाली नोट

नई दिल्ली, । देश में नकली भारतीय करेंसी नोटों का चलन साल 2016 की नोटबंदी के बाद भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। नेशनल क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (NCRB) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 में 500 और 1000 रुपये के नोटों के बंद होने के बाद से देश भर में कुल 245.33 करोड़ रुपये के नकली नोटों को जब्त किया गया है। आरबीआई की 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में 10 रुपये, 20 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये और 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग में पकड़े गए नकली नोटों में क्रमशः 16.4 प्रतिशत, 16.5 प्रतिशत, 11.7 प्रतिशत, 101.9 प्रतिशत और 54.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
2020 में जब्त किए गए सबसे अधिक नकली नोट
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 में 92.17 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य के साथ जाली नोटों की सबसे अधिक राशि जब्त की गई थी, जबकि साल 2016 के दौरान सबसे कम 15.92 करोड़ रुपये के अंकित मूल्य को जब्त किया गया था। साल 2021 के दौरान देश में कुल 20.39 करोड़ रुपये के नकली नोटों को जब्त किया गया। साल 2019 में 34.79 करोड़ रुपये, 2018 में 26.35 करोड़ रुपये और 2017 में 55.71 करोड़ रुपये जब्त किए गए।
पीएम मोदी ने की थी नोटबंदी की घोषणा
मालूम हो कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि 500 और 1000 रुपये के नोट उसी आधी रात से कानूनी रूप से चलन में नहीं रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि यह फैसला भ्रष्टाचार, काले धन और आतंकवाद से लड़ने के लिए लिया गया है। नोटबंदी के बाद 2,000 रुपये के नोट और 500 रुपये के नए डिजाइन के नोट जारी किए गए थे।
