जनजाति आयुक्त ताराचंद मीणा का किया अभिनंदन

जनजाति आयुक्त ताराचंद मीणा का किया अभिनंदन
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उदयपुर,  । राज्य सरकार द्वारा जनजाति अंचल में पहली बार आयोजित हुए आदि महोत्सव’ की सफलता को देखकर इसे अब स्थायी आयोजन बना दिया है। पूर्व जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की पहल पर राजस्थान के पर्यटन विभाग ने इसे अपने वार्षिक कलेण्डर में शामिल करते हुए जनजाति अंचल के लिए स्थायी पहचान बना दी है। बुधवार को होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान ने आदि महोत्सव को पर्यटन विभाग के कैलेंडर में शामिल कराने के प्रयासों के लिए पूर्व कलेक्टर व टीएडी आयुक्त ताराचंद मीणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। इस दौरान संस्थान पदाधिकारियों ने जनजाति आयुक्त का पदभार संभालने पर मीणा का उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
संस्थान पदाधिकारियों ने जनजाति आयुक्त से जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों पर चर्चा की और आदि महोत्सव को मिली पहचान को इस दिशा में सफल साबित हुआ कदम बताया।  संस्थान पदाधिकारियों ने जनजाति अंचल के पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए उचित सुविधाएं और प्रमोशन करने की जरूरत जताई और इस दिशा में संस्थान द्वारा पूर्ण सहयोग की बात कही।
संस्थान पदाधिकारियों से चर्चा के दौरान जनजाति आयुक्त ने मीणा ने बताया कि आदि महोत्सव हेतु जनजाति विभाग द्वारा पचास लाख की राशि स्वीकृत की गई है तथा पर्यटन विभाग दो लाख की राशि व्यय करेगा। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह राणावत, सचिव राकेश चौधरी, कोषाध्यक्ष अंबालाल साहू, सहसचिव प्रफुल्ल कुमावत एवं सदस्य योगेश्वर सिंह उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है तत्कालीन जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की पहल पर गत वर्ष कोटड़ा में पहली बार दो दिवसीय आदि महोत्सव का आयोजन किया गया था और पहली बार वृहद स्तर पर आयोजित इस महोत्सव में देश के नामचीन कलाकारों के साथ स्थानीय जनजाति कलाकारों को मंच प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया था। आयोजन की सफलता को देखकर इसे स्थायी आयोजन बनाने के उद्देश्य से गत दिनों पर्यटन विकास समिति की बैठक में आदि महोत्सव को 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती पर आयोजित करवाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा था जिसे राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया।  

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