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VIDEO ब्लाइंड मर्डर का राज खुला- आगे-आगे कातिल, 3500 किलोमीटर तक पीछे लगी पुलिस, तब जाकर आंध्रप्रदेश में चढ़े हत्थे 

VIDEO ब्लाइंड मर्डर का राज खुला- आगे-आगे कातिल, 3500 किलोमीटर तक पीछे लगी पुलिस, तब जाकर आंध्रप्रदेश में चढ़े हत्थे 

 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल/ संपत माली। पिछले माह संगम यूनिर्वसिटी के पास गठिलाखेड़ा तालाब की पाल पर एक युवक की दिनदहाड़े गला काटकर हत्या करने के मामले का पुर थाना पुलिस ने राजफाश करते हुये 3500 किलोमीटर पीछे लगने के बाद दो कातिलों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें एक बिहार व दूसरा राजस्थान के बारां जिले का निवासी है। दोनों आरोपितों यह कत्ल मोबाइल के रुपयों को लेकर चल रही रंजिश के तहत करना कबूल किया है। 
इस ब्लाइंड का खुलासा करते हुये पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने कहा कि पुर थाना सर्किल के गठिलाखेड़ा गांव के सूखे तालाब की पाल के पास 22 जून की दोपहर  अज्ञात लोगों ने एक युवक की गला काटकर हत्या कर दी थी।  मृतक के पांव बंधे हुये थे। पेंट-शर्ट खुले थे। मृतक चित्तौडग़ढ़ जिले के गंगरार थाना इलाके के फलौदी गांव का रहने वाला श्यामलाल (22) पुत्र गोपाल लाल बैरवा था, जो मंडपिया में रहकर मजदूरी करता था।  पुलिस ने पिता की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया था। 
जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने वारदात को गंभीरता से लेते हुये एएसपी गजेंद्र सिंह जौधा व डीएसपी सदर रामचंद्र के सुपरविजन में एक टीम पुर थाना प्रभारी मुकेश वर्मा के नेतृत्व में गठित की। इस टीम ने  मंडपिया क्षेत्र में सीसी टीवी फुटेज खंगाले, वहीं मृतक के साथियों व आस-पड़ौसियों से पूछताछ की। कॉल डिटेल व मोबाइल लोकेशन के आधार पर छानबिन करते हुये आखिरकार पुलिस कातिलों तक पहुंच गई। पुलिस ने मूलतया बिहार के भोजपुर जिले के सारंगपुर निवासी अजित शाह पुत्र त्रिभुवन शाह और बारां जिले के काल्पा जागीर छिपा बड़ोद निवासी नरेश उर्फ  प्रिंस पुत्र नन्दकिशोर को गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों अभी मंडपिया में किरये से रह रहे थे। इस वाारदात का खुलासा करने वाली टीम में सीआई मुकेश वर्मा के साथ दीवान अशोक कुमार, मुकेश कुमार, विशंभर दयाल व गोपाल लाल शामिल हैं।  

 वारदात के 24 घंटे में कर लिया था कातिलों को नामजद
बैरवा की हत्या के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज खंगाले, बीटीएस डेटा लिये। साथ ही यह भी जानकारी जुटाई की श्यामलाल को आखिरी बार किसके साथ देखा गया। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुये पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों अजित शाह व प्रिंस उर्फ नरेश को नामजद कर लिया था।  
कत्ल से पहले स्विच ऑफ कर लिये फोन 
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि श्यामलाल के अपहरण से पहले दोनों शातिर बदमाशों ने अपने मेबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिये थे। इतना ही नहीं, श्यामलाल का फोन भी इन आरोपितों ने बंद कर दिया था। पुलिस टीमें इनके घर पहुंची तो पता चला कि कई साल से इनका अपने घरों पर आना-जाना नहीं है। ना ही वे, किसी परिजन के संपर्क में हैं। पुर थाना पुलिस ने इसे चेलेंज के रूप में लेकर उनकी तलाश शुरू की। 
3500 किलोमीटर तक पीछा कर दबोचा
पुर थाना प्रभारी मुकेश वर्मा ने बताया कि श्यामलाल की हत्या कर भीलवाड़ा से भागे बदमाशों का पुलिस ने पीछा शुरू कर दिया। दोनों का करीब 3500 किलोमीटर तक पुलिस ने पीछा किया और आखिरकार इन दोनों कातिलों को दबोच लिया। 
कत्ल के बाद यूं निकले कातिल, बिहार में काटी फरारी, आंध्रा में पकड़ में आये
श्यामलाल के कत्ल के बाद कातिल भीलवाड़ा से निकल गये। वे, डाबी होकर कैथून तक गये। वहां से नोएडा, सारंगपुर, जिला भोजपुर बिहार, मुकंदगढ़ मांझी सारण बिहार में अपने रिश्तेदार के यहां रहकर फरारी काटी। पुलिस टीम जब मुकंदगढ़ मांझी सारण पहुंची तो पता चला कि दोनों वहां से रवाना होकर धर्मावरम अनंतपुरम आध्रप्रदेश पहुंच गये, जहां से इन्हें डिटेन कर लिया और वहां से पुलिस इन्हें यहां ले आई। यहां पूछताछ में दोनों ने जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। 
ये बना कत्ल का कारण
आरोपितों ने कबूल किया कि श्यामलाल की महिला मित्र के साथ आरोपित के दोस्त अशोक मीणा ने छेड़छाड़ की थी। इसे लेकर श्यामलाल ने अशोक को पीट दिया। आरोपित अजित व नरेश द्वारा श्यामलाल को अशोक मीणा से माफी मांगने के लिए धमकाया जा रहा था। इसे लेकर श्यामलाल ने अपने मकान मालिक ओम गुर्जर निवासी मंडपिया से शिकायत की। ओम गुर्जर ने दोनों आरोपितों को धमकाया और झगड़ा किया। झगड़े के दौरान आरोपित नरेश उर्फ प्रिंस का मोबाइल टूट गया था। आरोपितों ने इसका जिम्मेदार श्यामलाल को बताते हुये उससे मोबाइल रिपेयरिंग के पैसे मांगे, लेकिन श्यामलाल ने पैसे देने से मना कर दिया। इन्हीें पैसों के विवाद को लेकर आरोपितों ने उससे रंजिश रखना शुरू कर दिया। 
अपहरण कर बाइक से ले गये हत्यास्थल तक, हाथ-पैर बांध कर रेता गला
इन्हीं पैसों को लेकर चल रही रंजिश को लेकर 22 जून को आरोपित अजित व प्रिंस ने मौका पाकर श्यामलाल का अपहरण कर लिया। दोनों उसे बाइक पर बैठाकर मंडपिया सर्विस रोड से होते हुये संगम कॉलेज के सामने वाली पुलिया से होकर कॉलेज के पीछे होकर गठिलाखेड़ा तालाब की पाल पर ले गये। जहां श्यामलाल को निवस्त्र कर उसके हाथ-पैर बांध दिये और चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी।