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VIDEO जन्मजात दिल में छेद की विकृति के 4 बच्चों को जिला कलेक्टर ने निःशुल्क सर्जरी के लिए किया कोटा रवाना

VIDEO जन्मजात दिल में छेद की विकृति के 4 बच्चों को जिला कलेक्टर ने निःशुल्क सर्जरी के लिए किया कोटा रवाना

भीलवाडा । मंगलवार को शाला स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत जिले के विद्यालयों में स्क्रीनिंग में पाए गए हृदय के जन्मजात दिल में छेद की विकृति से ग्रसित 4 चिन्ह्ति बच्चों को सर्जरी के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना व आरबीएसके कार्यक्रम के तहत अनुमोदित सुधा हॉस्पीटल कोटा के लिए रवाना किया। इन बच्चों को जिला कलेक्टर आशीष मोदी व सीएमएचओ डॉ. मुस्ताक खान ने कलेक्ट्रेट कार्यालय से वाहन को हरी झण्डी दिखाकर किया। इस दौरान डिप्टी सीएमएचओ डॉ. घनश्याम चावला, जिला आरसीएच अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा, एडीएनओ डॉ. सोनिया छाबडा, जिला आईईसी समन्वयक अशोक प्रजापत, फिजियोथेरेपिस्ट शान्तिलाल, सोशल वर्कर हेमन्त कुमार, फार्मासिस्ट हरिसिंह सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
         जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि चिकित्सा विभाग द्वारा चलाये जा रहे शाला स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत राजकीय विद्यालयों में स्क्रीनिंग के दौरान जांच में सर्जरी की आवश्यकता वाले बच्चों को राज्य सरकार द्वारा दी जा रही गुणवत्तापूर्ण निशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलवाने हेतु उच्चतर चिकित्सा संस्थानों में भिजवाया जा रहा है। सोमवार को भी जिले के कटे होठ व कटे तालू वाले 7 बच्चों को सर्जरी के लिए अभिषेक हॉस्पीटल जयपुर भिजवाये गये है। आगे भी सर्जरी की जरूरत वाले बच्चों की पहचान कर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलवाया जायेगा।
        मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉं. मुस्ताक खान ने बताया कि हृदय के जन्मजात दिल में छेद की विकृति की वजह से इन बच्चों को दौडने, श्वास लेने में परेशानी रहती है। जिसके कारण बच्चों की शारीरिक वृद्वि भी नही हो पाती है। शाला स्वास्थ्य परीक्षण के तहत जिले के राजकीय विद्यालयों में स्क्रीनिंग के दौरान गुलाबपुरा से गोवर्धन, सुनीता माली, अन्नू साहू तथा सहाडा से पूजा नायक इन 4 बच्चों की पहचान की गई तो आज मंगलवार को वाहन द्वारा ऑपरेशन के लिए कोटा भिजवाये गये है। इनका ऑपरेशन सुधा अस्पताल कोटा में किया जायेगा। इन बच्चों के दिल में छेद की विकृति की सर्जरी का पूरा खर्चा चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रत्येक बच्चे पर लगभग डेढ़ लाख रू. राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।