उड़ते ही विस्फोट फिर भी मस्क क्यों बता रहे स्टारशिप मिशन को सफल

उड़ते ही विस्फोट फिर भी मस्क क्यों बता रहे स्टारशिप मिशन को सफल
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स्पेसएक्स के बहुप्रतीक्षित मिशन स्टारशिप रॉकेट ने गुरुवार को अपनी पहली परीक्षण उड़ान भरी। हालांकि, लॉन्चिंग के बाद ही इसमें विस्फोट हो गया। इससे पहले 17 अप्रैल को भी इसे लॉन्च करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद प्रेशर वाल्व के फ्रीज होने की वजह से इसे रोकना पड़ा था। इस बीच, कंपनी के मालिक एलन मस्क ने कहा कि कुछ महीनों में अगले टेस्ट लॉन्च के लिए बहुत कुछ सीखा।

स्पेस एक्स का स्टारशिप मिशन कैसे टूटा? क्या थी योजना जिससे चूक गया मिशन? पहले कब होनी थी स्टारशिप सिस्टम की लॉन्चिंग? मिशन से हासिल क्या हुआ? आगे क्या होगा?

स्पेसएक्स का स्टारशिप मिशन कैसे टूटा? 
स्पेसएक्स के स्टारशिप रॉकेट ने गुरुवार को अपनी पहली परीक्षण उड़ान भरी। लॉन्चिंग के कुछ पल बाद ही इसमें विस्फोट हो गया। दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट ने शाम करीब सात बजे स्पेसएक्स के समुद्र तटीय स्टारबेस केंद्र से दक्षिण टेक्सास के खाड़ी तट पर बोका चिका बीच में से उड़ान भरी थी। 

उड़ान भरने के लगभग तीन मिनट बाद 50 मीटर लंबे स्टारशिप को सुपर हेवी से अलग होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दोनों चरण जुड़े रहे और धुंआ उठना शुरू हो गया, अंततः सिस्टम में विस्फोट हो गया। स्पेसएक्स के लॉन्च वेबकास्ट के आंकड़ों के मुताबिक विशाल यान 39 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंच गया था।

 

 

 

क्या थी योजना जिससे चूक गया मिशन?
यदि सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो सुपर हेवी बूस्टर लॉन्च के लगभग तीन मिनट बाद स्टारशिप से अलग हो जाता और मैक्सिको की खाड़ी में गिर जाता। वहीं, छह इंजनों वाले स्टारशिप को लगभग 150 मील की ऊंचाई तक उड़ना था। इसे प्रक्षेपण के लगभग 90 मिनट बाद पृथ्वी के निकट परिक्रमा को पूरा करना था।

 

पहले कब होनी थी स्टारशिप सिस्टम की लॉन्चिंग?
विशालकाय रॉकेट को टेक्सास के बोका चिका में स्पेसएक्स स्पेसपोर्ट से 17 अप्रैल सुबह 8:00 बजे लांच करने के लिए निर्धारित किया गया था। 17 अप्रैल को इसे लॉन्च करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद प्रेशर वाल्व के फ्रीज होने की वजह से इसे रोकना पड़ा था। जब ऐन वक्त पर इसे टाला गया तो रिजर्व समय यानी 20 अप्रैल के दिन इसकी लॉन्चिंग तय की गई।

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