डीजीपी शर्मा का भीलवाड़ा दौरा-: अजमेर रेंज की अपराध समीक्षा बैठक में अफसरों को सख्त संदेश, पीड़ितों को त्वरित न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता

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कलेक्ट्रेट सभागार में चली लंबित मामलों की गहन समीक्षा

भीलवाड़ा, । राजस्थान पुलिस के महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सोमवार को भीलवाड़ा पहुंचे और जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अजमेर रेंज की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरणों, गंभीर अपराधों और साइबर मामलों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। डीजीपी ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

आईओ और ओआईसी को कड़ा संदेश

बैठक के दौरान डीजीपी शर्मा ने जांच अधिकारियों और थाना प्रभारियों को मामलों में लगातार फॉलोअप रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विवेचना में देरी से न केवल पीड़ित परेशान होता है बल्कि पुलिस की छवि भी प्रभावित होती है। संगीन अपराधों में संवेदनशीलता के साथ सख्त कार्रवाई करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

साइबर अपराधों पर तेज कार्रवाई के आदेश

डीजीपी ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए इनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों तक जल्द पहुंचा जाए और आमजन को राहत दी जाए। ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और अन्य तकनीकी अपराधों में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

सुबह पुलिस लाइन का निरीक्षण और जवानों से संवाद

भीलवाड़ा पहुंचने पर डीजीपी शर्मा ने सबसे पहले पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जवानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। पुलिस लाइन में आयोजित संपर्क सभा में उन्होंने कार्मिकों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि अनुशासन, ईमानदारी और जनसेवा ही पुलिस की असली पहचान है।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अहम बैठक में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर वीके सिंह, अजमेर आईजी राजेन्द्र सिंह, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप सहित अजमेर रेंज के विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीजीपी ने सभी अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर जिले में परिणाम दिखने चाहिए।

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