श्री बाणमाता शक्तिपीठ पर 151 प्रभातफेरियों का महासंगम हुआ और भजन कीर्तन का आयोजन

By :  vijay
Update: 2026-03-24 10:45 GMT

लाडपुरा ( शिव लाल जांगिड़ ) क्षेत्र के प्रसिद्ध आस्था धाम बाण माता शक्तिपीठ मंदिर पर चैत्र नवरात्र घट स्थापना महोत्सव का बड़े ही हर्षोल्लास और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य शुभारंभ हुआ। नवरात्र के इस पावन अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शुभमुहूर्त में विद्वान पंडितों द्वारा गाजे-बाजे के साथ घट स्थापना की गई। मंदिर में नौ दिनों तक नियमित पूजा-अर्चना, गायत्री अनुष्ठान और शतचंडी यज्ञ चल रहे हैं।

शक्तिपीठ विकास संस्थान के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शक्तिपीठ पर चैत्र नवरात्र महोत्सव के तहत सोमवार को पंचमी रात्रिजागरण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 151 प्रभातफेरियों का महासंगम हुआ और भजन कीर्तन का आयोजन हुआ। यह आयोजन बाणमाता शक्तिपीठ की प्रसिद्धि और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है।

नवरात्र महोत्सव की विशेषताएं:

पंचमी रात्रिजागरण: नवरात्र के पांचवें दिन माता की पूजा का विशेष महत्व होता है।

भजन कीर्तन: भजन कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालु माता की आराधना करते हैं।

प्रभातफेरियां: 151 प्रभातफेरियों का महासंगम इस आयोजन की विशेषता है।

नवरात्रि के दौरान सोमवार को भजन कलाकार गोकुल शर्मा ने प्रसिद्ध श्री बाणमाता शक्तिपीठ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान गोकुल शर्मा का स्वागत संस्थान पदाधिकारियों ने किया। यह शक्तिपीठ राजस्थान के मांडलगढ़ गोवटा बांध में स्थित है और नवरात्रि के दौरान यहां भव्य आयोजन हो रहे हैं। श्री बाणमाता शक्तिपीठ का ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन चल रहे हैं। बाणमाता शक्तिपीठ गोवटा बांध में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है, जो नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना आयोजन होती है।

महोत्सव के प्रमुख आगामी कार्यक्रमः

25 मार्च 2026 बुधवार को पाटोत्सव, हवनात्मक दुर्गापाठ, रुद्राभिषेक महाआरती का आयोजन दोपहर 12.15 बजे किया जाएगा।

26 मार्च, गुरुवार को अष्टमीः महारात्र जागरण में श्रद्धालुओं के लिए रात भर विशेष दर्शन व्यवस्था रहेगी। भजन संध्या में प्रसिद्ध गायक पूरण गुर्जर, युवराज वैष्णव, सोनू भीलवाड़ा और अनु पांचाल अपनी मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे।

27 मार्च को छप्पन भोग और विसर्जनः

महोत्सव का समापन: 27 मार्च (समापन): प्रातः 11:15 बजे माता की छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी। इसके पश्चात दोपहर 12:15 विशाल शोभायात्रा निकालकर मेनाली नदी पर पाती विसर्जन होगा और महाप्रसाद वितरित किया जाएगा।

लकवा ग्रस्त रोगियों के लिए निशुल्क सेवाः

संस्थान द्वारा एक अनुकरणीय पहल करते हुए लकवा ग्रस्त रोगियों के लिए नियमित रूप से निशुल्क नाश्ते और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। अध्यक्ष शर्मा ने इस पुनीत कार्य के लिए दानदाताओं से सहयोग की अपील की है।

इस महोत्सव में राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं।

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