देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल का संकट नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय ने अफवाहों को नकारा, कहा— 'घबराने की जरूरत नहीं'
नई दिल्ली। देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरों और अफवाहों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन (तेल) खत्म नहीं हुआ है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) न करें।
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर ईंधन की किल्लत की खबरें वायरल हो रही थीं, जिसके बाद कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने मोर्चा संभाला है।
आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिया है कि वे सभी पेट्रोल पंपों पर निरंतर और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियों के पास कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
पैनिक बाइंग से बचने की सलाह
अधिकारियों ने बताया कि अफवाहों के कारण अचानक से मांग बढ़ गई है, जिससे कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बनी थी। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि देश में तेल का संकट है। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार ही तेल भरवाएं, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
क्यों उड़ी थी अफवाह?
बताया जा रहा है कि परिवहन क्षेत्र में कुछ संगठनों की हड़ताल या आपूर्ति श्रृंखला में बाधा की खबरों को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे जनता में भ्रम फैल गया। सरकार ने साफ किया है कि लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है और रिफाइनरियों से पेट्रोल पंपों तक तेल पहुँचने में कोई रुकावट नहीं है।
