लोकसभा में राहुल गांधी और पीठासीन अधिकारी के बीच हल्की नोकझोंक, पुराने रिश्तों पर हुई दिलचस्प चर्चा
नई दिल्ली |लोकसभा में बुधवार को बजट पर चर्चा के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर बैठे जगदंबिका पाल के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में तीखी लेकिन मजेदार बहस हुई।
क्या है मामला?
राहुल गांधी बजट पर अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसे मुद्दे उठाए और नाम लिए जिस पर जगदंबिका पाल ने आपत्ति जताई। पाल ने राहुल गांधी से पूछा, "अगर कोई विषय बजट से नहीं जुड़ा है, तो आप उसे नहीं उठा सकते। आप सही रास्ते पर थे, फिर पटरी से क्यों उतर रहे हैं?
इस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "हमें आपसे लगाव है। आप हमारी पार्टी के पुराने साथी रहे हैं, इसलिए मैं आज ज्यादा आक्रामक नहीं होऊंगा।" राहुल ने आगे कहा, "सर, मुझे पता है कि आपका दिल वहां (बीजेपी में) नहीं लगता है, सर।"
क्या बोले पीठासीन अधिकारी?
जगदंबिका पाल ने भी इस मजाक का जवाब बड़े ही दिलचस्प अंदाज में दिया। उन्होंने कहा, "मैं यहां पीठासीन अधिकारी के रूप में बैठा हूं। लेकिन अगर आपने मेरी सलाह मानी होती, तो आप आज विपक्ष की बेंच पर नहीं बैठे होते। आप वहां सिर्फ इसलिए हैं क्योंकि आपने मेरी बात नहीं मानी।" पाल ने आगे सलाह देते हुए कहा कि राहुल को सही रास्ते पर चलना चाहिए और अभी भी उनके पास इसके लिए समय है।
जगदंबिका पाल का कांग्रेस से क्या है संबंध?
राहुल गांधी ने उनकी बात का मान रखा। उन्होंने कहा कि वे अपनी बातचीत में उन नामों का इस्तेमाल नहीं करेंगे जिनका जिक्र पाल नहीं करना चाहते थे। बता दें कि जगदंबिका पाल का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है। वे 2009 में कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए थे। इसके बाद साल 2014 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। वे उत्तर प्रदेश की डुमरियागंज सीट से 2014, 2019 और 2024 में लगातार बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं।
