एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप : ईआरओ

Update: 2026-01-16 12:31 GMT

चितौड़गढ़, । विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र चित्तौड़गढ़ से संबंधित दावे एवं आपत्तियों के निराकरण की संपूर्ण प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं नियमानुसार संचालित की जा रही है।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी एवं उपखंड अधिकारी चित्तौड़गढ़ बीनू देवल ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित की गई थी। इस दौरान प्राप्त सभी आवेदन निर्धारित प्रारूप में स्वीकार किए गए हैं तथा उनका निस्तारण विधिवत प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक दावा एवं आपत्ति का सत्यापन संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) द्वारा किया जाता है। सत्यापन उपरांत मामलों की सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी द्वारा गंभीरता से जांच कर प्रकरण अग्रेषित किए जाते हैं। सभी प्रकरणों में अंतिम निर्णय निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी द्वारा पूर्ण संतुष्टि के बाद ही लिया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप संपादित होती है।

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