बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य कार्मिकों एवं विद्यार्थियों को किया जागरूक
चित्तौड़गढ़ |बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग द्वारा जिले में निरंतर जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओम प्रकाश तोषनीवाल ने जानकारी दी कि जिला स्वास्थ्य समिति, चित्तौड़गढ़ द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन टीम द्वारा बाल विवाह जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
शुक्रवार को आरटीडीसी होटल, चित्तौड़गढ़ में आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में स्वास्थ्य विभाग, बाल अधिकारिता विभाग एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में जिले के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों को बाल विवाह की रोकथाम से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में जिला समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन नवीन किशोर काकड़दा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की प्रमुख धाराओं, दायित्वों एवं कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया।
साथ ही बाल विवाह रोकने एवं बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की भी विस्तार से जानकारी दी गई तथा समाज में बाल विवाह के प्रति जागरूकता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
नवीन किशोर काकड़दा ने बताया कि यदि किसी भी क्षेत्र में बाल विवाह होने की आशंका हो, तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर देना सुनिश्चित करें।
कार्यशाला में डॉ. दिग्विजय सिंह, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर शीतल राठौर, नर्सिंग ऑफिसर अनिल खींची, लाइन सुपरवाइजर राहुल सिंह, सरिता मीणा, नानूराम जाट तथा बाल अधिकारिता विभाग से कनिष्ठ सहायक कुश पारिक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त स्पेक्ट्रम स्टडी प्वाइंट, कुम्भानगर पर संस्था प्रभारी महावीर उपाध्याय द्वारा कोचिंग विद्यार्थियों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई गई एवं उन्हें इस सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया।
