उदयपुर में 22 फरवरी से सजेगा 'जीवन विद्या शिविर': स्वयं को समझने और सुखी जीवन जीने का मिलेगा अवसर
उदयपुर | जीवन विद्या परिवार के तत्वावधान में आगामी 22 से 28 फरवरी तक सात दिवसीय निशुल्क जीवन विद्या शिविर का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर बाहुबली विहार, टोल नाके के पास, डाकन कोटड़ा-सलूम्बर रोड पर आयोजित होगा, जहाँ प्रतिभागियों को स्वयं के अस्तित्व और संबंधों की गहराई को समझने का अनूठा अवसर मिलेगा।
शिविर की मुख्य विशेषताएं:
मूल प्रश्नों पर संवाद: स्वास्थ्य सेतु के संस्थापक और आयोजक जयंती जैन ने बताया कि शिविर में जीवन विद्या प्रबोधक डॉ. श्याम कुमार महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डालेंगे। इसमें "मैं कौन हूँ?", "मेरा शरीर से क्या संबंध है?" और "परिवार व समाज से जुड़ाव कैसा हो?" जैसे मूल प्रश्नों पर गहराई से चर्चा की जाएगी।
संवाद आधारित सत्र: आयोजक पंडित धीरज वैदिक के अनुसार, यह शिविर पारंपरिक उपदेशात्मक शैली में न होकर संवाद (Dialogue) आधारित रहेगा। इसमें प्रतिभागियों के साथ सीधे संवाद के जरिए वैचारिक स्पष्टता लाई जाएगी।
विचार मंथन का अभ्यास: सात दिनों तक चलने वाले इस सत्र में जीवन में सही समझ, संबंधों की प्रगाढ़ता और जिम्मेदारियों को केंद्र में रखकर विचार मंथन का अभ्यास करवाया जाएगा।
सुखी जीवन का आधार:
शिविर का मुख्य उद्देश्य यह बताना है कि मानव सही समझ के आधार पर ही निरंतर सुखी हो सकता है। जीवन विद्या के माध्यम से व्यक्ति अपने भीतर के द्वंद्व को समाप्त कर समाज और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना सीख सकता है। आयोजकों ने सभी जिज्ञासुओं से इस निशुल्क शिविर का लाभ उठाने की अपील की है।
