ज्योतिष शास्त्र केवल भविष्य बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और जीवनशैली से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। हर व्यक्ति की राशि किसी न किसी तत्व—अग्नि, पृथ्वी, वायु या जल—से संबंधित होती है और यही तत्व शारीरिक और मानसिक बनावट को प्रभावित करते हैं। इसके अनुसार अलग-अलग राशियों के लोग अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर सकते हैं।
मेष, वृषभ और मिथुन
मेष: अग्नि तत्व की राशि। ऊर्जा अधिक, लेकिन चोट, दुर्घटना और रक्त संबंधी समस्याओं का खतरा। उपाय: सूर्य देव की उपासना।
वृषभ: पृथ्वी तत्व। त्वचा समस्या, एलर्जी और वाणी पर नियंत्रण की कमी। उपाय: भगवान शिव की पूजा और पर्याप्त जल सेवन।
मिथुन: वायु तत्व। मानसिक दुविधा, सांस संबंधी परेशानी। उपाय: ध्यान, मेडिटेशन और मीठे का कम सेवन।
कर्क, सिंह और कन्या
कर्क: जल तत्व। मानसिक तनाव और पेट संबंधी समस्याएं। उपाय: शिव उपासना और सफेद रंग का अधिक प्रयोग।
सिंह: अग्नि तत्व। आंख, हड्डी और दुर्घटना संबंधी जोखिम। उपाय: सूर्य देव की नियमित पूजा।
कन्या: पृथ्वी तत्व। एलर्जी, संक्रमण और मानसिक तनाव। उपाय: पेड़-पौधे लगाना और बुजुर्गों की सेवा।
तुला से मीन
तुला: वायु तत्व। फेफड़े और जीवनशैली संबंधी समस्याएं। उपाय: शनिदेव की पूजा।
वृश्चिक: हार्मोनल असंतुलन और वजन बढ़ना। उपाय: हनुमान जी की उपासना और दूध का सेवन।
धनु: डायबिटीज, आंख और हड्डी की समस्या। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करना।
मकर: पाचन और भावनात्मक असंतुलन। उपाय: शिव पूजा।
कुंभ: हड्डी और पेट की समस्या। उपाय: भगवान कृष्ण की उपासना।
मीन: पेट और शुगर संबंधी समस्या। उपाय: खान-पान पर नियंत्रण और नियमित पूजा।
सभी राशियों के लिए सामान्य उपाय
सूर्य ग्रह सभी राशियों के स्वास्थ्य का मूल आधार है। रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना और थोड़ी देर धूप में रहना शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है और बीमारियों से बचाव करता है।
