माघ मास: सुधामृत योग पर श्रद्धालु करेंगे प्रयागराज संगम में पवित्र डुबकी

Update: 2026-01-08 14:08 GMT

गुरला:-(बद्री लाल माली)भीलवाड़ा बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर एक राशि में चार ग्रह एक साथ रहेंगे, जिससे चतुर्ग्रहीय योग बनेगा। और इस चतुर्ग्रहीय संयोग से सुधामृत योग बनेगा, जो श्रद्धालु स्नानार्थियों को कुंभ की भांति पुण्य की प्राप्ति भी कराएगा। माघ मास में संगम की रेती पर लाखों संत व गृहस्थ सुख-सुविधाओं का त्याग करके समर्पित भाव से साधना में लीन नजर आयेंगे।

-इस बार मकर संक्रांति का पुण्यकाल कही-कही 15 जनवरी को भी रहेगा।

ज्योतिषाचार्य आचार्य योगेंद्र शर्मा के अनुसार कैलेंडर में 14 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान पर्व दर्शाया गया हैं, लेकिन, उसका पुण्यकाल 15 जनवरी को भी पड़ेगा। 14 जनवरी की दिन मे 15:07 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा, इसके बाद संक्रांति पुण्यकाल आरंभ होगा, जो 15 जनवरी को भी मिलेगा। यहीं से देवताओं का दिन और दैत्यों की रात आरंभ होगी।

-माघ 2026 की प्रमुख तिथियां।

आचार्य योगेंद्र शर्मा के बताते हैं कि, 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व (माघ मेला व कल्पवास का शुभारंभ) हुआ था।अब इसके बाद 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान पर्व, फिर 18 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान पर्व, उसके बाद 23 जनवरी को बसंत पंचमी स्नान पर्व, बाद इसके 01 फरवरी को माघी पूर्णिमा स्नान पर्व (कल्पवास का समापन), और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान पर्व (माघ मेला का समापन) पर्व रहेगा। 

Similar News