नंदराय में गुरु-शिष्य परंपरा की अनूठी मिसाल:: प्रिय शिक्षक के तबादले पर छात्रों का 'संग्राम', कड़ाके की ठंड में स्कूल गेट पर गुजरी रात
नंदराय/कोटड़ी (हलचल)। जिले के नंदराय कस्बे में शिक्षा और शिक्षक के प्रति अटूट प्रेम की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे प्रशासन को हिला कर रख दिया है। राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत लोकप्रिय व्याख्याता शंकर लाल जाट के तबादले के विरोध में छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार दोपहर से शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन आज मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी है।
ठिठुरती रात, खुला आसमान और जिद पर अड़े छात्र
सोमवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद जहां बच्चे अपने घरों को लौटते हैं, वहीं नंदराय स्कूल के विद्यार्थी स्कूल गेट पर ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते माहौल गर्मा गया। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद छात्र-छात्राएं रात भर स्कूल के मुख्य द्वार पर डटे रहे।
ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा: धरना स्थल पर ही बना खाना
छात्रों के इस जज्बे को देख स्थानीय ग्रामीण भी पीछे नहीं रहे। ग्रामीणों ने न केवल इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया, बल्कि:
भोजन की व्यवस्था: कस्बे के लोगों ने रात में धरना दे रहे विद्यार्थियों के लिए गरम भोजन तैयार कर धरना स्थल पर ही पहुंचाया।
बिस्तरों का इंतजाम: ठंड से बचाव के लिए ग्रामीणों ने मौके पर ही गद्दे और रजाई-कंबल उपलब्ध कराए, ताकि बच्चे रात काट सकें।
"तबादला निरस्त करो वरना होगा आमरण अनशन"
आज मंगलवार सुबह से ही आंदोलन और तेज हो गया है। छात्र-छात्राओं का एक ही नारा है— "शंकर सर को वापस लाओ।" छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक व्याख्याता शंकर लाल जाट का ट्रांसफर आदेश निरस्त नहीं किया जाता, तब तक वे स्कूल का ताला नहीं खोलने देंगे और न ही धरना खत्म करेंगे।
विद्यार्थियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आमरण अनशन शुरू करने को मजबूर होंगे।
प्रशासनिक अमले में हड़कंप
एक शिक्षक के लिए बच्चों का यह समर्पण पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग बच्चों की भावनाओं को देखते हुए इस तबादले पर क्या निर्णय लेता है। मौके पर तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण स्थिति बनी हुई है और ग्रामीण प्रशासन के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
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