उपरेड़ा विद्यालय में 10 साल से अधूरी कृषि संकाय की मांग: ग्रामीण छात्रों के भविष्य पर संकट

Update: 2026-02-20 17:56 GMT

 शाहपुरा-बनेड़ा विधानसभा क्षेत्र के उपरेड़ा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पिछले एक दशक से अधिक समय से कृषि संकाय (Agriculture Stream) खोलने की मांग लंबित है। सामाजिक कार्यकर्ता मुबारिक हुसैन मंसूरी ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व इस विद्यालय में कृषि संकाय खोलने की घोषणा हुई थी, लेकिन राजनीतिक शिथिलता और विभाग की अनदेखी के कारण यह मामला आज भी अधर में लटका है।

प्रमुख समस्याएं और छात्रों का दर्द

सीमित विकल्प: वर्तमान में कृषि संकाय की सुविधा केवल शाहपुरा, बनेड़ा और गुलाबपुरा में ही उपलब्ध है।

दूरी और आर्थिक बोझ: उपरेड़ा के छात्रों को 25 से 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। महंगाई के इस दौर में गरीब किसान परिवारों के लिए बाहर कमरा किराया लेना या प्रतिदिन यात्रा करना आर्थिक रूप से संभव नहीं है।

विषय चयन की मजबूरी: स्थानीय स्तर पर कृषि संकाय न होने के कारण 90% छात्र अपनी रुचि के विरुद्ध अन्य विषय चुनने को मजबूर हैं।

रोजगार का संकट: कृषि विषय की पढ़ाई न कर पाने के कारण छात्र भविष्य में वैज्ञानिक खेती या पशुपालन की बारीकियों से वंचित रह जाते हैं, जिससे नौकरी न मिलने पर वे बेरोजगारी की मार झेलते हैं।

व्यापक प्रभाव और मांग

यदि उपरेड़ा में कृषि संकाय खोला जाता है, तो बनेड़ा क्षेत्र की 10 से 12 ग्राम पंचायतों के सैकड़ों छात्र लाभान्वित होंगे। इस मांग को लेकर ग्राम वासियों द्वारा मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शिक्षा मंत्री, निदेशक माध्यमिक शिक्षा (बीकानेर) और स्थानीय विधायक डॉ. लालाराम बेरवा सहित सभी उच्चाधिकारियों को सैकड़ों बार पत्राचार किया जा चुका है।

क्षेत्रवासियों ने पुरजोर अपील की है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2026 की शुरुआत के साथ ही उपरेड़ा में कृषि संकाय शुरू किया जाए ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को उनके घर के पास ही उच्च शिक्षा मिल सके।

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