महिलाओं के साथ ठगी व चोरी की वारदात करने वाली गैंग का पर्दाफाश

महिलाओं के साथ ठगी व चोरी की वारदात करने वाली गैंग का पर्दाफाश

चित्तौड़गढ़,। महिलाओं के साथ ठगी व चोरी की वारदात करने वाली अन्तर्राजीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए सदर थाना चित्तौडगढ एवं जिला साइबर सैल ने दिल्ली निवासी दो महिलाओं सहीत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गत 14 जून को शहर के सावलिया हॉस्पीटल के बाहर से एक महिला के साथ ठगी कर चोरी की वारदात की थी। पुलिस ने महिला के चोरी हुए सोने के जेवरात बरामद कर लिए हैं। आरोपियों ने राजस्थान के जयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ व उत्तराखंड में सात वारदातें करना कबूली हैं।

जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि पारसोली थाने के डेकडीखेडा निवासी ललिता पत्नी लादुलाल मीणा ने सदर चित्तौड़गढ़ थाने पर दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि 14 जून को वह उनके पिता व माता को लेकर श्री सावलिया जी राजकिय चिकित्सालय में इलाज कराने हेतु आये थे। डॉक्टर द्वारा लिखी दवाई के लिए हॉस्पीटल के बाहर मेडीकल दुकान पर जा रही थी कि दो लडकिया हॉस्पीटल के बाहर खड़ी थी जिन्होने उससे कहा कि उनके साथ जो लडकी है वह घर से भाग कर आई है और इसके पास बहुत ज्यादा पैसे है। जिसके साथ कोई घटना हो जायेगी इसलिए इसको बस में बिठाने में उनकी मदद करो। जिस पर ललिता उन की बातों में आकर उस लडकी को बस बिठाने उनके साथ हॉस्पीटल के बाहर आ गई। जहां दोनों लडकिया उसे बातों में लेकर एक लडके के पास गली में ले गई व वहा उससे कहा कि इसके पास जो पैसे है वो चोरी कर लाई है, जिन्हें तुम लेलो और तुमने जो जेवर पहन रखे है इनको खोल कर रुमाल में रख दो, ताकि इसको विश्वास रहे कि उसके पास पैसों के बदले में जेवर रखे हुए है। ललिता ने उसके पहने हुए गहने रामनामी, मादलिया, मगलसुत्र, कान के टोप्स व 4 मोती सोने के खोल कर रुमाल में रखवा लिए उसके बाद उस लडकी ने उसे एक रुमाल दिया व कहा कि इसमें पैसे है वो तुम्हारे पास रख लो। फिर उसने कहा कि वह इस लडकी को बस में बिठा कर आ रही हैं ऐसा बोलकर चले गये। उसने काफि देर तक इन्तजार किया लेकिन वापिस नही आये तो रुमाल खेलकर देखा तो उसमें खाली कागज भरे हुए थे। उसे बातों में लेकर उसके साथ धोखाधड़ी कर इसके जेवर चोरी कर ले गये है। महिला की रिपोर्ट पर थाना सदर चित्तौडगढ पर धोखाधडी कर चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया।

वारदात की गम्भीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश कर वारदात को जल्द ट्रेस करने के लिए एएसपी चित्तौड़गढ़ परबत सिंह एवं वृत्ताधिकारी तेजकुमार पाठक के निर्देशन में थानाधिकारी सदर चित्तौडगढ गजेन्द्रसिह पुलिस निरीक्षक के साथ साईबर सैल एवं सदर थाने की एक टीम का गठन किया गया। गठीत टीम द्वारा तकनीकी रुप से अनुसंन्धान करते हुए उक्त वारदात स्थल का मौका मुआयना कर तकनीकी साक्ष्य एवं सीसीटीवी फुटेज देख कर आरोपियों को नामजद किया एवं गठित टीम द्वारा लगातार पीछा कर दिल्ली गुडगाँव नसीराबाद अजमेर में उनके ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस ने अलग अलग हुलिया बदल कर उनके सदिग्ध ठिकानों का पता कर रैकी की, लेकिन आरोपियों को पुलिस आने का पता चल जाने से लगातार अपनी सकुनत बदलते रहे थे। पंजाब की तरफ फरार होने की फिराक में रेल्वे स्टेशन गुडगाँव पहुंचे जहां पर सदर थाने व साईबर सैल की टीम ने उक्त आरोपियों को स्टेशन के पास से डिटेन कर पुछताछ की तो उक्त वारदात करना स्वीकार किया, जिनको गिरफतार कर उनके कब्जे से रामनामी, मादलिया, मगलसुत्र, कान के टोप्स व 4 मोती सोने के बरामद किये।

तरीका वारदात-

पुलिस पुछताछ पर आरोपियों ने बताया कि जहा वारदात करते है उस शहर में एक दिन पहले आ जाते है और किसी गेस्ट हाउस में रुम किराये पर ले लेते है। फिर महिलायें हॉस्पीटल वाली जगह की रैकी करती है, ताकि बुजुर्ग महिला आसानी से टारगेट बन जाती है। उस जगह पर जाकर पहले से अपने पास कागज के टुकडों की गडडी बनाये रखती है, जिसमें उपर निचे ओरिजनल नोट 500 रु के लगाते है। बुजुर्ग महिला को पैसो का लालच देकर उसके जेवर दुसरी थेली में रखने और उक्त पैसों की गडडी महिला के पास रख कर उसका विश्वास जीत कर पहले से जेवर रखे जैसी दुसरी थेली उसके हाथ में थमा देकर बोलते है, कि पैसे ओर तुम्हारे जेवर इस थैली में है। ईसी बीच दूसरी थेली थमा देती है व महिला के जेवर की थैली चेन्ज कर देती है और फरार हो जाती है।

गिरफ्तार आरोपी-

अजमेर जिले के लौहार मोहल्ला नसीराबाद निवासी 20 वर्षीय विनोद पुत्र प्रेमचन्द बावरी, वेस्ट दिल्ली रघुवीर नगर टैगौर गार्डन निवासी दिपाली उर्फ दीपा पुत्री किशन लाल गुजराती बावरी पति विनोद बावरी व राधा उर्फ राधी पुत्री किशन लाल गुजराती बावरी पति मोती लाल बावरी।

उक्त कार्यवाही में निम्न टीम सदस्यो का विशेष योगदान रहा-

थानाधिकारी थाना सदर चित्तौडगढ़ गजेन्द्र सिंह पुलिस निरीक्षक, एएसआई अमीचन्द, साईबर सैल के हैडकानि राजकु‌मार, कानि. रामावतार, गणपत, रामनरेश व कमलेश धाकड, सदर चित्तौडगढ के कानि शिवराम, संजना, जगन्नाथ व बबलू।

आरोपियों ने ये वारदाते कबूली-

01. दिनाक 14.6.2024 को थाना सदर चित्तौडगढ़ के सावलिया हॉस्पीटल के बाहर से महिला के जेवर खुलवाकर चोरी करना।

02. दिनाक 17.06.2024 को थाना कोतवाली क्षेत्र के सेटेलाईट हॉस्पीटल के बाहर से सेती में रहने वाली राधा गुर्जर उम्र 55 साल महिला के जेवर खुलवाकर चोरी करना

03. जून महिने में भीमगन्ज भीलवाडा थाना क्षेत्र के महात्मा गाँधी हॉस्पीटल बाहर से बुजुर्ग महिला के जेवर खुलवाकर चोरी करना।

04 . जयपुर के सिन्धी कैम्प बस स्टेड के पास से एक महिला के जेवर खुलवाकर चोरी करना।

05. सुपर स्पेसलिटी हॉस्पीटल देहरादुन उतराखण्ड से हॉस्पीटल बाहर से महिला के जेवर खुलवाकर चोरी करना।

06. प्रकाश दीप हॉस्पीटल देहरादून उतराखण्ड से हॉस्पीटल बाहर से महिला के जेवर खुलवाकर चोरी करना।

07. हरिद्वार उतराखण्ड से महिला के जेवर खुलवाकर चोरी करना।

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