राजस्थान में पौधारोपण की होगी ईडी-इन्कम टैक्स स्टाइल में जांच, बोले वन मंत्री संजय शर्मा कहा तीन एजेंसियों से करवाई जाएगी ऑडिट

चित्तौड़गढ़ /भीलवाड़ा वन, पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने कहा की राजस्थान में अब पौधों की स्थिति का आकलन उसी सख्ती से किया जाएगा, जैसे ईडी और इनकम टैक्स विभाग छापेमारी करते हैं। सोमवार को भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि पौधारोपण की निगरानी और पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार ने त्रि-स्तरीय मूल्यांकन प्रणाली लागू की है।
उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को बंद लिफाफे में यह जानकारी दी जाएगी कि किस क्षेत्र में निरीक्षण करना है**, ताकि जांच निष्पक्ष और प्रभावी हो। यह पहली बार है जब राज्य स्तर पर पौधों की देखभाल की गहन जांच के लिए ऐसा तंत्र विकसित किया गया है।
पौधारोपण की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए **तीन स्वतंत्र एजेंसियों** को जिम्मेदारी दी गई है:
1. **इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट, भोपाल**
2. **सेंटर फॉर डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड स्टडीज, जयपुर**
3. **एरिड फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, जोधपुर**
ये एजेंसियां राज्यभर में 300 से अधिक साइटों का ऑडिट करेंगी। उनके निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
मंत्री संजय शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि **पौधों की देखभाल के लिए व्यक्तिगत और संस्थागत जिम्मेदारियां तय की जाएंगी**। यह पहल पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।
राज्य मंत्री ने कहा- पर्यावरण और वन क्षेत्र की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। हरियालो राजस्थान योजना के तहत पौधारोपण, संरक्षण और निगरानी के कड़े उपायों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और राजस्थान के वन क्षेत्र हरित बने रहें।
राज्य मंत्री संजय शर्मा ने सभी विभागों से अपील की कि वे मिलकर काम करें और पर्यावरण की रक्षा के लिए अपने-अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करें। उनके अनुसार- यह राज्य के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और इस दिशा में सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। आम लोगों को पर्यावरण के संरक्षण में जोड़ने के लिए अनेक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आने वाले समय में राजस्थान एक मॉडल राज्य के रूप में सामने आएगा, जो पर्यावरण संरक्षण के लिए एक प्रेरणा बनेगा।
