राजस्थान में उपखंड और तहसील मुख्यालयों का पुनर्गठन अटका, दो से तीन माह और लग सकता है समय

जयपुर। राजस्थान में जिलों के पुनर्गठन के बाद अब उपखंड और तहसील मुख्यालयों के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी चल रही है। यह काम इस माह के दूसरे सप्ताह तक पूरा होना था, लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अब माना जा रहा है कि इस कार्य में दो से तीन माह का अतिरिक्त समय लग सकता है।
समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही राज्य में नए उपखंड और तहसील मुख्यालयों की तस्वीर साफ हो सकेगी। सूत्रों के अनुसार, समिति दो या तीन तहसीलों पर एक उपखंड मुख्यालय की सिफारिश कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो उपखंड मुख्यालयों की संख्या में कमी भी संभव है।
अप्रैल में बनी थी समिति
राज्य सरकार ने इस साल अप्रैल 2025 में प्रशासनिक राजस्व इकाइयों के गठन, समीक्षा, सीमाओं और क्षेत्राधिकार में परिवर्तन संबंधी अनुशंसाओं के लिए राज्य प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन सलाहकार समिति का गठन किया था।
सेवानिवृत्त आईएएस ललित के. पंवार को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि राजस्व सचिव और राजस्व मंडल के निबंधक को सदस्य तथा सेवानिवृत्त आरएएस राजनारायण शर्मा को समिति का सचिव नियुक्त किया गया था।
अब तक 29 जिलों में पूरा हुआ सर्वे, 12 जिलों में काम बाकी
राज्य में नए 41 जिलों के गठन के बाद उपखंड और तहसील मुख्यालयों की मांग बढ़ी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह समिति बनाई गई थी।
अब तक समिति ने 29 जिलों में जाकर फीडबैक लिया है, जबकि 12 जिलों में अध्ययन कार्य अभी बाकी है। सभी जिलों का दौरा पूरा करने के बाद समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राजस्व विभाग को सौंपेगी।
रिपोर्ट से तय होगी नई प्रशासनिक व्यवस्था
समिति की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगामी महीनों में नई प्रशासनिक सीमाएं और मुख्यालयों का निर्धारण करेगी। इस रिपोर्ट से प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों का नया स्वरूप तय होगा, जिससे शासन-प्रशासन को क्षेत्रीय संतुलन और बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।
