अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में ऑपरेशन कर मादुरो और पत्नी को पकड़ने का दावा, देश में अनिश्चितता बढ़ी

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को दावा किया कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन कर वर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है और देश से बाहर ले जाया गया है। अगर यह सच है, तो यह आधुनिक समय में किसी मौजूदा राष्ट्रपति को उनकी राजधानी से हटाने वाले दुर्लभ सैन्य ऑपरेशन में शामिल होगा।
विश्लेषकों ने इसे 1989 के पनामा ऑपरेशन और ओसामा बिन लादेन तथा सद्दाम हुसैन की गिरफ्तारी से तुलना की है। पनामा में अमेरिका ने विवादित चुनाव जीतने वाले मैनुअल नोरिएगा को पकड़ने के लिए कार्रवाई की थी, लेकिन मादुरो को बिना जमीनी हमले के राजधानी काराकास से हटाना इसके मुकाबले और बड़ा माना जा रहा है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने कहा कि मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों के आरोप हैं। उन्हें ट्रायल के लिए अमेरिका लाया जाएगा।
सिनेटर माइक ली के अनुसार, वेनेजुएला में और कोई कार्रवाई की संभावना नहीं है। कुछ धुर दक्षिणपंथी कमेंटेटर्स का दावा है कि देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया जाएगा।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर मादुरो हट गए हैं, तो वेनेजुएला के अंदर इसके नतीजे अनिश्चित हैं। इससे लोकतांत्रिक बदलाव का रास्ता खुल सकता है, लेकिन अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था पर नकारात्मक असर, हथियारबंद समूहों और विरोधी गुटों को ताकत मिलने का खतरा भी बढ़ सकता है। इतिहास बताता है कि वेनेजुएला में विपक्ष को सबसे ज्यादा लाभ बातचीत और वोटिंग से मिला है, न कि जबरदस्ती से।
संक्षेप में, मादुरो का हटना एक चैप्टर खत्म कर सकता है, लेकिन देश में अनिश्चितता और संभावित अस्थिरता का नया दौर भी शुरू कर सकता है।
