भीलवाड़ा सहित राजस्थान में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा, जनजीवन प्रभावित

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भीलवाड़ा संपत माली

भीलवाड़ा में सोमवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। ठंड इतनी तीव्र रही कि लोग देर सुबह तक रजाइयों में दुबके रहे। दृश्यता कम होने के कारण आठ बजे के बाद तक सड़कों पर वाहन लाइट जलाकर चलते नजर आए।



शीतलहर के चलते मजदूर वर्ग विशेषकर बाहरी राज्यों से आए श्रमिक भी सीमित संख्या में ही घरों से बाहर निकले, जबकि अधिकांश लोग देर तक घरों में ही रहे।



सर्द हवाओं से बढ़ी गलन

प्रदेशभर में चल रही बर्फीली हवाओं ने ठंड को और तीखा बना दिया है। राजस्थान के साथ साथ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत उत्तर मध्य भारत में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। रविवार को प्रदेश में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन और सबसे सर्द रात दर्ज की गई।

माउंट आबू में तापमान शून्य पर

राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में लगातार तीसरे दिन तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जयपुर सीकर पिलानी झुंझुनूं सहित कई शहरों में रविवार की रात सीजन की सबसे सर्द रात रही।

कोटा संभाग में दिन भर नहीं निकला सूरज

रविवार को कोटा उदयपुर सीकर सहित कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कोटा संभाग में पूरे दिन सूरज नहीं निकल पाया। इस कारण कोटा और बारां में दिन का तापमान बेहद कम रहा और लोगों को दिन में भी रात जैसी गलनभरी सर्दी महसूस हुई।

तापमान में तेज गिरावट

प्रदेश के सात शहरों में रात का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। वहीं अठारह शहरों में दिन का अधिकतम तापमान बीस डिग्री से नीचे रहा। सीकर फतेहपुर पिलानी झुंझुनूं में तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु तक पहुंच गया जिससे खेतों में ओस की बूंदें जम गईं।

इन जिलों में रहा कोल्ड डे

रविवार को कोटा सीकर जयपुर टोंक भीलवाड़ा अजमेर बारां और पाली में कोल्ड डे की स्थिति रही। इन जिलों में दिन और रात का तापमान सामान्य से तीन डिग्री या उससे अधिक नीचे दर्ज किया गया।

आने वाले दिनों का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार भीलवाड़ा सहित कई जिलों में घना कोहरा और कोल्ड वेव का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में कड़ाके की सर्दी से राहत मिलने की संभावना कम है।

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