आरजीएचएस योजना में बड़ी धोखाधड़ी, पांच के खिलाफ मामला दर्ज

भीलवाड़ा। जिले के हनुमान नगर थाने में राजकीय उपजिला चिकित्सालय देवली के परिसर में संचालित सहकारी उपभोक्ता भंडार (फार्मा स्टोर) में आरजीएचएस योजना के तहत बड़ी वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पिछले सप्ताह भी दो मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ 27 लाख के गबन के मामले सामने आए थे।
जाँच और प्राथमिकी
वित्त विभाग के अधीन गठित QCPA की जांच और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टोंक के निर्देश पर कार्रवाई की गई। अस्पताल प्रमुख डॉ. राजकुमार गुप्ता ने स्टोर प्रबंधक और फार्मासिस्ट समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
धोखाधड़ी का तरीका
जांच में पता चला कि फार्मा स्टोर पर एक डॉक्टर और अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी के नाम की फर्जी रबर सील बरामद हुई। कई लाभार्थियों के मूल आरजीएचएस कार्ड अवैध रूप से स्टोर में रखे गए थे। साथ ही, एक रजिस्टर में कार्ड धारकों के साथ दवाइयों के लेन-देन का संदिग्ध हिसाब-किताब दर्ज था।
आरोपियों के नाम और पुलिस कार्रवाई
हनुमान नगर पुलिस ने पीएमओ डॉ. राजकुमार गुप्ता की रिपोर्ट के आधार पर सहकारी उपभोक्ता प्रबंधक टोंक, फार्मासिस्ट आयुष नागर, भरत नागर, विनोद शर्मा और साहिल अंसारी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। 21 पेज की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जांच जारी है और अनुसंधान स्वयं थानाधिकारी गणेशराम कर रहे हैं।
पिछले मामले का संदर्भ
इससे पहले भी हाल ही में भीलवाड़ा शहर के दो मेडिकल स्टोर के खिलाफ करीब 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जिससे क्षेत्र में आरजीएचएस योजना में अनियमितताओं की आशंका बढ़ गई है।
