​राजस्थान पंचायत चुनाव 2026:: निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, तहसीलदार भी बन सकेंगे रिटर्निंग ऑफिसर

निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, तहसीलदार भी बन सकेंगे रिटर्निंग ऑफिसर
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​जयपुर |​राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावों की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हाल ही में आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) की नियुक्ति के संबंध में नई गाइडलाइन जारी की है, जिससे चुनावी मशीनरी को मजबूती मिलेगी।

​तहसीलदार और नायब तहसीलदार संभालेंगे कमान

​आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पंचायत समितियों में भारी संख्या को देखते हुए अधिकारियों की कमी को दूर करने के लिए विशेष छूट दी गई है:

​रिटर्निंग ऑफिसर (RO): प्राथमिकता आईएएस (IAS) या आरएएस (RAS) अधिकारियों को दी जाएगी। लेकिन, यदि ये उपलब्ध नहीं होते हैं, तो निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति से तहसीलदार को भी RO नियुक्त किया जा सकता है।

​असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO): इस पद पर तहसीलदार के साथ-साथ अब नायब तहसीलदार भी लगाए जा सकेंगे।

​ट्रेनी अधिकारियों पर रोक

​प्रशासनिक अनुभव और चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण काल (Probation period) में चल रहे ट्रेनी आईएएस या आरएएस अधिकारियों को RO या ARO के महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।

​चुनावी शेड्यूल और आंकड़े

​राज्य निर्वाचन आयोग फरवरी के आखिरी या मार्च के पहले सप्ताह में चुनावों की तारीखों का ऐलान कर सकता है। राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 तक संपन्न होनी है।

​इस चुनाव के जरिए चुने जाएंगे:

​सरपंच: करीब 14,635

​जिला प्रमुख: 41

​प्रधान: लगभग 450

इसके अलावा हजारों की संख्या में वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों का भी निर्वाचन होगा।

​वोटर लिस्ट का काम जारी

​निर्वाचन आयोग ने 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर नई वोटर लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रगणकों (Enumerators) की नियुक्ति की जा चुकी है और मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

​मुख्य बिंदु:

​चुनाव प्रक्रिया मार्च 2026 में शुरू होने की संभावना।

​15 अप्रैल 2026 तक सभी चरणों के मतदान और परिणाम आने की उम्मीद।

​निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अनुभवी अधिकारियों की तैनाती पर जोर।

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