पहाड़ों पर कुदरत का सफेद सितम:: भारी बर्फबारी से थमी रफ्तार, नेशनल हाईवे बंद और उड़ानें रद्द

नई दिल्ली/श्रीनगर। उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड तक पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी ने जहां पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं स्थानीय निवासियों के लिए यह आफत बन गई है। भारी हिमपात के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और बुनियादी सुविधाएं ठप पड़ गई हैं।
जम्मू-कश्मीर: बर्फ की कैद में वादियां
जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में करीब एक फुट, जबकि ऊपरी पहाड़ी हिस्सों में दो से तीन फुट तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इस बर्फबारी का सबसे बड़ा असर यातायात पर पड़ा है:
* सड़क मार्ग: भूस्खलन और भारी बर्फ जमा होने के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को बंद कर दिया गया है। उधमपुर के जखानी चौक पर भी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
* हवाई सेवा: खराब विजिबिलिटी और दिल्ली एयरपोर्ट पर लागू NOTAM के कारण श्रीनगर एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इंडिगो सहित कई एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
* ठिठुरन: बारामूला, बडगाम और रामबन के बटोटे जैसे इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे पूरा क्षेत्र सफेद चादर में लिपटा नजर आ रहा है।
हिमाचल और उत्तराखंड: 500 से अधिक सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार:
* प्रदेश में चार नेशनल हाईवे समेत कुल 535 सड़कें बर्फबारी के कारण बंद हो गई हैं। प्रशासन मशीनों के जरिए बर्फ हटाने के काम में जुटा है।
* उत्तराखंड के नैनीताल, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण कई पर्यटक और वाहन फंसे हुए हैं।
प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले मौसम विभाग और संबंधित एयरलाइंस या कंट्रोल रूम से ताजा जानकारी जरूर लें।
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