जेल से दो खतरनाक कैदी फरार, दीवार तोड़कर कंबलों से बनाई रस्सी, अफसरों पर गिरी गाज

जेल से दो खतरनाक कैदी फरार, दीवार तोड़कर कंबलों से बनाई रस्सी, अफसरों पर गिरी गाज
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अयोध्या। जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो बंदी रात के अंधेरे में फरार हो गए। दोनों कैदियों ने बैरक की पिछली दीवार तोड़कर पहले रास्ता बनाया और फिर कंबल व मफलर जोड़कर रस्सीनुमा साधन तैयार किया। करीब बीस फीट ऊंची दीवार पार कर वे जेल परिसर से बाहर निकलने में कामयाब हो गए। घटना सामने आते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों कैदी स्पेशल सेल में बंद थे। उन्होंने पीछे की ओर स्थित दीवार से लगभग पच्चीस से तीस ईंटें निकालकर सुराख बनाया और उसी रास्ते से बाहर निकलकर फरार हो गए। सुबह बंदियों की गिनती के दौरान मामला उजागर हुआ, जब दोनों अपनी कोठरी में नहीं मिले। इसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया तो स्पेशल सेल नंबर एक की कोठरी नंबर चार की दीवार टूटी हुई पाई गई।

फरार हुए कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज निवासी मुसाफिरखाना जिला अमेठी और शेर अली उर्फ रफीक अली निवासी अमरे मऊ जिला सुलतानपुर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गोलू अग्रहरि पर हत्या और पॉक्सो अधिनियम सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जबकि शेर अली पर अयोध्या, जौनपुर और सुलतानपुर जिलों में हत्या समेत अन्य संगीन अपराधों के केस चल रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम करीब छह बजे बैरक बंद कर दी गई थी और उस समय दोनों कैदी अंदर मौजूद थे। गुरुवार सुबह गिनती के दौरान उनके फरार होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पूरे जेल परिसर की घेराबंदी कर तलाशी ली गई, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।

घटना को बेहद गंभीर मानते हुए डीजी जेल पीसी मीणा ने सख्त कदम उठाए हैं। जेल के वरिष्ठ अधीक्षक यूपी मिश्रा, जेलर जेके यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी के साथ एक हेड वार्डर और तीन वार्डरों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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