घर में घुसी भीड़, तोड़फोड़ के बाद आगजनी, पिता को घसीटकर मंदिर ले गए

युवती के फरार होने से भड़का आक्रोश, आधा दर्जन घायल, गांव में दहशत
भीलवाड़ा बीएचएन। जिले के मांडल थाना क्षेत्र में एक युवती को युवक द्वारा फरार कर ले जाने की घटना के बाद हालात उस समय बेकाबू हो गए जब नाराज लोगों की भीड़ ने युवक के परिवार पर हमला बोल दिया। आरोप है कि भीड़ ने घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और बाद में मकान को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, युवक के पिता को घर से घसीटते हुए मंदिर तक ले जाया गया। इस पूरी घटना से गांव में दहशत फैल गई है।
मांडल थाने के सब इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह ने बताया कि चतरपुरा निवासी जगदीश सिंह दरोगा के बेटे हिम्मत पर चार पांच दिन पहले एक युवती को भगा ले जाने के आरोप हैं। इसी को लेकर रविवार शाम चारभुजानाथ मंदिर पर ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें जगदीश सिंह को बुलाया गया था। जगदीश ने यह कहते हुए बैठक में आने से मना कर दिया कि उसने शराब पी रखी है और जो भी निर्णय होगा वह उसे स्वीकार होगा।
उधर, बैठक में युवक के पिता के नहीं पहुंचने से वहां मौजूद कई लोग एकजुट हो गए और भीड़ के रूप में जगदीश सिंह के मकान पर पहुंच गए। आरोप है कि लोगों ने मकान में तोड़फोड़ शुरू कर दी और उसकी मां तथा पत्नी को बाहर निकाल दिया। इनके साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान जगदीश सिंह एक कमरे में बंद हो गया, लेकिन भीड़ ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला और पीटते हुए मंदिर तक घसीट ले गई। इसी बीच मकान में आग लगा दी गई, जिससे घरेलू सामान जलकर राख हो गया।
सूचना मिलने पर मांडल पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां गीता देवी, जगदीश, लाड़ी देवी, महावीर, सीमा और करीब 13 माह की बच्ची ज्योति को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। गंभीर हालत होने पर जगदीश को उदयपुर रेफर किया गया है।
पुलिस ने जगदीश दरोगा की रिपोर्ट पर शंकर और नारायण सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस गश्त कर स्थिति पर नजर रखे हुए है।
