निवेश घोटाले के प्रचार का आरोप, गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और सांसद मनोज तिवारी पर एफआईआर

नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर और भाजपा सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ कथित निवेश घोटाले के प्रचार से जुड़े आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला गाजियाबाद की कंपनी मैक्सीज़ोन टच प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित निवेश धोखाधड़ी प्रकरण से संबंधित बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार झारखंड के जमशेदपुर में निवेशकों की ओर से अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई थी। अदालत के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कंपनी ने हर महीने 15 प्रतिशत तक रिटर्न देने का लालच देकर लोगों से बड़ी रकम निवेश करवाई, लेकिन बाद में न तो मूलधन लौटाया गया और न ही ब्याज का भुगतान किया गया। एक निवेशक ने करीब 30 लाख रुपए लगाने का दावा किया है। भुगतान न मिलने पर पीड़ितों ने न्यायालय का रुख किया।
एफआईआर में चारों चर्चित हस्तियों के नाम इस आधार पर जोड़े गए हैं कि उन्होंने कंपनी की निवेश योजना का प्रचार किया और अपने प्रभाव का उपयोग कर लोगों को इस स्कीम में निवेश के लिए प्रेरित किया। शिकायत में कहा गया है कि उनकी लोकप्रियता के कारण बड़ी संख्या में निवेशक कंपनी के झांसे में आ गए।
इससे पहले सितंबर 2025 में जमशेदपुर पुलिस ने कंपनी के निदेशक चंदर भूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि कंपनी कथित तौर पर फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग योजना चला रही थी और अवैध रूप से निवेशकों से करोड़ों रुपए जमा कर रही थी। प्रवर्तन निदेशालय ने भी कंपनी से जुड़े निवेश और क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामलों में छापेमारी की थी। एजेंसियों के मुताबिक सिंह दंपती गिरफ्तारी से पहले करीब तीन साल तक फरार रहे थे।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि यह भी परखा जा रहा है कि इन कलाकारों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल प्रचार तक सीमित थी या वे किसी अन्य रूप से भी इस कथित घोटाले में शामिल थे। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
